मंथन का विष पी गया “संस्कारधानी”, नही मिला मंत्री पद

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) जबलपुर। संस्कारधानी को एक बार फिर निराशा हाथ लगी हैं। मंत्रीमंडल बनाने किए गए मंथन से निकले विष को संस्कारधानी ने आखिरकार स्वीकार कर लिया हैं। लेकिन सोशल मीडिया में समर्थक सहित जनसामान्य नागरिक भी मान रहे हैं कि जबलपुर उपेक्षा का शिकार हुआ हैं। संस्कारधानी को नेतृत्व नही मिलना महाकौशल आँचल का कद घटने जैसा माना जा रहा हैं। यह असंतोष का खामियाजा आने वाले चुनाव में देखने को मिल सकता हैं।

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट का विस्तार तो हो गया, लेकिन मंत्रिमंडल को देखकर यह नहीं लगता कि यह उनकी सरकार है। मंत्रिमंडल में चौहान के विश्वासपात्रों की नितांत कमी है। मंत्रिमंडल के 11 सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं जो करीब चार महीने पहले ही बीजेपी में शामिल हुए हैं और पार्टी में उनकी स्वीकार्यता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गुरुवार को शपथ लेने वालों में 28 कैबिनेट स्तर के और 8 राज्य मंत्री हैं। नए मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।

यह विधायक बने मंत्री:-
गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह, विजय शाह, जगदीश देवड़ा, प्रेम सिंह पटेल, यशोधरा राजे सिंधिया, ओमप्रकाश सखलेचा, बृजेंद्र प्रताप सिंह, विश्वास सारंग, ऊषा ठाकुर, मोहन यादव, अरविंद भदौरिया, भारत सिंह कुशवाह, इंदर सिंह परमार, राम खेलावन पटेल और राम किशोर कांवरे शामिल हैं। नए मंत्रियों में राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, प्रदुम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिसोदिया, गिरिराज दंडोतिया, सुरेश धाकड़, ओपी एस भदौरिया, प्रभुराम चौधरी और ब्रिजेंद्र सिंह यादव को ज्योतिरादित्य खेमे का माना जाता है। कांग्रेस से बीजेपी में आए बिसाहू लाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और हरदीप सिंह डंग ने भी आज शपथ ली है।

जबलपुर शहर की नैया बीच मझधार में, शहर से मंत्री पद के प्रयास के लिए भोपाल पहुँचे सांसद राकेश सिंह

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। आज शिवराज सरकार के मंत्रीमंडल के विस्तार का कार्यक्रम तय हैं। लेकिन शहर की नैया बीच मझधार में फँस गई हैं। जहाँ एक तरफ अजय विश्वनोई का नाम तय था। लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया हैं कि इस बार मंत्रीमंडल में नए चेहरे को मौका दिया जाएगा। जिसके बाद जबलपुर से केंट विधायक अशोक रोहाणी के नाम की चर्चा शुरू हो गई। नाम तय हो गया लेकिन एकाएक सिहोरा विधायक नंदनी मरावी ने भी अपना अंतिम कार्ड चल दिया और देर रात मंथन चला लेकिन कुछ तय नही हो पाया।

हालांकि अभी तक किसी के पास भोपाल से कॉल नही आए। जिसको देखते हुए शाम को सांसद सिंह जबलपुर से मंत्री बनवाने भोपाल रवाना हो गए हैं। अब जबलपुर की नैया बीच मझधार में हैं। और पतवार सासंद सिंह के पास हैं। शहर को मंत्री पद दिलाकर शिवराज सरकार संस्कारधानी के विश्वास पर खरा उतरती हैं कि नही। सुबह 12 बजे तक तस्वीर साफ हो जाएगी।

जबलपुर से किसको मिलेगा मंत्री पद का ताज, विश्वनोई या रोहाणी को मिल सकती हैं कमान

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। मंत्रीमंडल का गठन कभी भी हो सकता हैं। जिसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से मिल चुके हैं। मंत्री बनने की कवायद में अधिकांश विधायकों ने अपनी दावेदारी कर दी हैं। हालांकि इससे जबलपुर भी अछूता नही रहा हैं। जिसका नजारा हाल ही में आए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के मेल-मुलाकात में देखा गया।

जबलपुर से मंत्री बनाना अभी संशय हैं। लेकिन शहर के साथ न्याय करना भी जरूरी हैं। यदि शहर के झोली में मंत्री पद आता हैं तो इसके प्रबल दावेदारों में पाटन विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय विश्वनोई का नाम सबसे पहले आता हैं। क्योकिं वह शिवराज सरकार में पूर्व में भी मंत्री रह चुके हैं। साथ ही सीएम के खास भी माने जाते हैं। वहीं यदि उम्र का बंधन सामने आता हैं तो केंट विधायक अशोक रोहाणी का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ हैं। विधायक अशोक रोहाणी की गिनती सरल और बेदाग विधायकों में की जाती हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सिंधी वर्ग को साधने के साथ ही जबलपुर सासंद राकेश सिंह के करीबी में भी की जाती हैं।

वहीं जानकारों का कहना हैं, नाम लगभग तय हो चुके हैं। कुछ नाम संशय की स्थिति में हैं। जिसका अंतिम निर्णय हाइकमान करेगा। वहीं इतना लेटलतीफी का कारण कहीं ना कहीं सिंधिया समर्थक विधायको को मंत्री बनाने की कवायद हैं। हालांकि जबलपुर शहर को मंत्री पद मिलने के संकट के बादल अभी भी छाए हुए हैं। यदि संकट के बादल साफ हुए तो एसी स्थिति में पूर्व मंत्री, पाटन विधायक अजय विश्वनोई या केंट विधायक अशोक रोहाणी को मंत्री बनाया जा सकता हैं।

कांग्रेस ने दी थी शहर को तवज्जों

कांग्रेस सरकार ने शहर को दो बड़े विभाग देकर शहर में दबदबा बनाया था। जिसमें कद्दावर नेता विधायक तरूण भनोत को वित्त मंत्री के साथ स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और विधायक लखन घनघोरियों को समाजिक न्याय मंत्री का पद मिला था।

रांझी की तरफ नगर-निगम का ध्यान नही, रांझी से बड़ा पत्थर, झंडा चौक तक गड्ढों पर सड़क

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। रांझी से लेकर बड़ा पत्थर, झंडा चौक (प्रधानमंत्री आवास योजना) तक सारी सड़क को जिस रफ्तार की तरह खोदा गया यदि ठेकेदार द्वारा सड़क की मरम्मत उसी रफ्तार से करा दी जाती तो शायद रांझी की एक समस्या समाप्त हो जाती। लेकिन लगभग 1 वर्ष बीतने के बाद भी कोई प्रयास निगम के जिम्मेदारों द्वारा नही किया गया‌। सिर्फ गड्ढे भरने तक ही कार्य सीमित रखा गया जिसमें भी नगर निगम प्रशासन फेल होता दिखाई दिया।

रांझी बड़ा पत्थर सड़क गड्ढो व कीचड़ से सनी हुई

घनी आबादी वाला क्षेत्र रांझी साथ ही आवागमन का एक ही मुख्यमार्ग जिस पर राहगीरों का आना-जाना हो। उस पर भी जिम्मेदारों का ध्यान नही हैं। जिससे काफी असुविधा का सामना करना पड़ता हैं।

1 वर्ष पहले पाईप लाईन डालने खोदी थी सड़क

पिछले 1 वर्ष पहले पानी की पाईप लाईन डालने के लिए एक तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना मोहनिया झंडा चौक से शुरूआत कर बड़ा पत्थर फिर मोनी तिराहा तक सारी सड़क को खोद दिया गया‌। और अभी तक मरम्मत का कार्य भी नही कराया गया।

प्रतिदिन हो रहे हादसे, कलेक्टर से की उचित कार्रवाई की मांग

लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से हादसे हो रहे है। एक दिन कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले कोई बड़ा हादसा हो जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से सड़क का मरम्मत कार्य कराए। बड़ा पत्थर की सड़क मरम्मत का कार्य शीघ्र हो एसी कार्रवाई की मांग जबलपुर कलेक्टर व निगम प्रशासन से स्थानीयजनों ने की हैं।

 

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस आज, जानें इस खास दिन का महत्व

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) दुनियाभर के खिलाड़ियों को एक मंच पर इकठ्ठा कर विभिन्न खेलों में विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा करवाने वाले खेलों के महाकुंभ ओलंपिक के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज 23 जून को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाया जा रहा है। ओलंपिक दिवस खेल, स्वास्थ्य, और सबसे अच्छा होने का एक उत्सव है जिसमें दुनियाभर से लोग शामिल होते हैं।

इस खास दिन पर विश्व के अलग-अलग हिस्सों में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिसमें हर वर्ग के लोग या खिलाड़ी शामिल होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनियाभर में आज के ही दिन ओलंपिक दिवस क्यों मनाया जाता है और इसका इतिहास क्या है? आइए जानते हैं इसके पीछे की पूरी कहानी के बारे में।

क्या होता है ओलंपिक दिवस
आज ही के दिन 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना हुई थी, यह दिन खेल, स्वास्थ्य और खुद को बेहतर बनाने का दिन है। इसमें दुनियाभर से कोई भी भाग ले सकता है।

कब होता है ओलंपिक दिवस
ओलंपिक दिवस प्रत्येक वर्ष 23 जून को होता है, जिसे एक उत्सव की तरह दुनियाभर में लोग सक्रिय होकर मनाते हैं। इसमें कोई भी कहीं से भी शामिल हो सकता है।

ओलंपिक दिवस का इतिहास
चेक आईओसी के सदस्य डॉक्टर ग्रस ने स्टॉकहोम में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के 41वें सत्र में विश्व ओलंपिक दिवस का विचार प्रस्तुत किया, जिसमें ओलंपिक के संदेशों और मूल उद्देश्य को मनाने के लिए एक दिन निर्धारित करने के लिए कहा गया। कुछ महीनों बाद जनवरी 1948 में सेंट मोरित्ज में आईओसी के 42वें सत्र में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों को इस कार्यक्रम के आयोजन का प्रभारी बनाया गया, उसके बाद से यह तारीख आईओसी के इतिहास में एक विशेष पल का हिस्सा बन गई।

गौरतलब है कि इससे पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना 23 जून, 1894 को सोरबोन, पेरिस में की गई थी, जहां पियरे डे कोबेर्टिन ने ओलंपिक खेलों के पुनरुद्धार के लिए एक रैली की थी।

पहली बार कब मनाया गया था?
ओलंपिक दिवस 23 जून 1948 को पहली बार मनाया गया था। उस समय पुर्तगाल, ग्रीस, ऑस्ट्रिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ग्रेट ब्रिटेन, उरुग्वे, वेनेजुएला और बेल्जियम ने अपने-अपने देशों में ओलंपिक दिवस का आयोजन किया और उस समय के आईओसी के अध्यक्ष सिगफ्रीड एडस्ट्रॉम ने दुनिया के युवाओं को एक संदेश दिया।

 

मध्यप्रदेश सरकार का छात्रहित में बड़ा निर्णय, छात्रों को मिलेगा जनरल प्रमोशन

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) मध्यप्रदेश। कोरोना संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना परीक्षा दिए उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर और सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी उपस्थित थे।

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर के 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी

प्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में एक लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में एक लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की कुल संख्या 3 लाख 47 हजार 554, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2 लाख 63 हजार 5, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में एक लाख 83 हजार 37, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में 2 लाख 25 हजार 197, महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में 01 लाख 52 हजार 230, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में 3 लाख 55 हजार 379, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में  एक लाख 97 हजार 901 तथा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में 54 हजार 697 विद्यार्थी हैं।

शहर के लगभग 4000 कर्मचारियों की सैलरी पर चल रहीं धीरे-धीरे कैंची ! आवाज उठाई तो नौकरी से भी धोना पड़ेगा हाथ।

नियम के विरूद्ध छटनी और पेमेंट काटने वालो पर युवा क्रांति ने की कार्रवाई की माँग

इंडिया 2डे न्यूज़ पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। लॉकडाउन की एक तरफ अवधि बढ़ती जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ शहर में प्रायवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों की सैलरी पर भी कैंची चलती जा रही हैं। लगातार शोषण होने के बावजूद अब नगर निगम के कर्मचारी, ग्लोबल नेचर केयर संगठन ,महाकौशल ऑटो डीलर एसोशिएशन, जबलपुर विकास प्राधिकरण के ठेके कर्मचारी सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा हजारों की संख्या में कर्मचारियों की सैलरी या नौकरी से बर्खास्त किया जा रहा हैं।

इन घटनाओं के साथ शिक्षा जगत भी अछूता नही रहा हैं। जहाँ विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस लेने के आदेश के बावजूद अविभावकों से पूरी फीस वसूली जा रही हैं। और इतना ही नही शैक्षणिक कार्य संपन्न कराने वाले शिक्षकों की भी सैलरी को भी काटा गया हैं। जिसमें सेंट्र्ल चिल्ड्रन अकादमी, रॉयल सीनियर सेकेंडरी, लिटिल किंग्डम, क्राइस्ट चर्च, लिटिल वर्ल्ड, विस्डम वैली जैसे विद्यालयों के नाम शामिल हैं।

वहीं युवा क्रांति के संयोजक अनुराग तिवारी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि शहर के लगभग 4000 कर्मचारियों, युवाओं का भविष्य संकट में चला गया हैं। यदि यहीं हालात जारी रहे तो स्थिति दयनीय हो जाएगी। केंद्र की गाइडलाइन, श्रमिक नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। कर्मचारी, शिक्षक अपनी स्थिति किसे सुनाए यदि सुनाए भी तो नौकरी से निकालने की धमकी दे दी जाती हैं।

जब युवा क्रांति के सदस्यों द्वारा यह आपबीती को लेकर लेबर कमिश्नर कार्यालय पहुँचे तो वहाँ ना कोई सुनने वाला था ना कोई समस्या का हल निकालने वाला मिला। तभी आक्रोशित होकर सदस्यों ने ज्ञापन को दीवार में ही चस्पा कर दिया। साथ ही सदस्यों ने उक्त विषय पर संज्ञान लेकर संस्थाओ व विद्यालयों की जाँच कर कार्रवाई की माँग की हैं।

 

 

Railway: 12वीं पास से लेकर डिग्री धारकों के लिए नौकरी का मौका, तुरंत करें आवेदन

इंडिया 2डे न्यूज़ पोर्टल (आपके साथ) रेलवे में लगतार नौकरी के लिए आवेदन निकाले जा रहे हैं। वहीं लाखों की संख्या में युवा इस सरकारी नौकरी को पाने के लिए तैयारी में जुटे हैं। इस बार ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईसीआर) ने उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। ये भर्ती 600 से ज्यादा रिक्त पदों के लिए निकली गई हैं। अगर आप यह नौकरी पाना चाहते हैं, तो आज ही आवेदन करें। 

पदों का विवरण-
पदों का नाम-                                                    पदों की संख्या-

नर्सिंग अधीक्षक                                                     255 पद
फार्मासिस्ट                                                             51 पद
ड्रेसर / ओटीए / अस्पताल परिचारक (स्तर -1)             255 पद
कॉन्ट्रैक्ट मेडिकल प्रैक्टिशनर (GDMO)                     102 पद

आवेदन कैसे करें-
सबसे पहले इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अधिसूचना डाउनलोड कर उसे पढ़े। समस्त जानकारी से अवगत होकर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। आवेदक आवेदन प्रक्रिया को 22 मई, 2020 को या उससे पहले ईमेल आईडी [email protected] पर अपने प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी के साथ आवेदन की स्कैन की हुई कॉपी जमा कर सकते हैं । उम्मीदवारों को ड्यूटी में शामिल होने के लिए रिपोर्ट करने के लिए उनके ईमेल के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

 

CBSE 10th और 12th बोर्ड की परीक्षा दिनाँक घोषित

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) ई दिल्ली। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) बोर्ड ने COVID-19 यानी कि कोरोना वायरस के कारण स्थगित की गयी सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा को जल्द ही आयोजित करने की घोषणा कर दी है। सीबीएसई ने बोर्ड की बची हुई शेष 29 विषयों की परीक्षा को 1 जुलाई से 15 जुलाई 2020 के मध्य आयोजित की जाएगी। जिसकी घोषणा आज  CBSE अपनी आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर नया टाइम टेबल जारी करके दी हैं।

10th CBSE Board
CBSE 12 th Board

राँझी में मिला कोरोना पॉजटिव, लेकिन नही बनेगा केन्टोमेंट जोन

इंडिया 2डे न्यूज़ पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। शहर के बाद कोरोनो ने भी अपनी दस्तक राँझी में दे दी हैं। उपनगरीय क्षेत्र राँझी में भी एक पॉजटिव केस सामने आया हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक दीपक सिंह (41 वर्ष) राँझी नरसिंह नगर, मस्ताना चौक निवासी हैं। जो कि लगभग 2 हफ्ते पहले मुंबई से जबलपुर आए थें। जिन्हे जिला प्रशासन द्वारा होम क्वारेंटाइन किया गया था। आज सुबह रिपोर्ट पॉजटिव आने के बाद प्रशासन की टीम द्वारा उपचार हेतु मेडिकल रवाना कर दिया गया हैं।

इनकी रसल चौक पर सेलून (डेनिम सेलून ) है और 9 मई को मुंबई से ट्रक पर बैठकर जबलपुर पहुंचे थे। दीपक सिंह मुम्बई से जबलपुर आने के बाद से ही होम कवारेन्टीन में थे । तीन दिन पहले सर्दी-खाँसी की शिकायत पर उन्हें डॉ राकेश तिवारी द्वारा कोरोना टेस्ट की सलाह दी गई थी।

वहीं राँझी को केंटोमेंट क्षेत्र बनाने की अपवाह को लेकर जबलपुर कलेक्टर भरत यादव से संपर्क किया गया तो उन्होनें बताया कि-

घबराने की आवश्यकता नहीं हैं। युवक का किसी भी व्यक्ति से संपर्क नही हुआ हैं। इसी कारण राँझी को केंटोमेंट जोन अभी नही बनाया जाएगा। – भरत यादव (कलेेेक्टर)  

रिपोर्ट:- आकाश निषाद