मानव के लिए खतरनाक है हेपेटाइटिस की बीमारी

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स्वास्थ्य। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार हेपेटाइटिस या यकृत शोथ यकृत यानी लीवर को हानि पहुंचाने वाला एक गंभीर और खतरनाक रोग होता है। इसके प्रमुख लक्षणों में अंगो के उत्तकों में सूजी हुई कोशिकाओं की उपस्थिति आता है, ये बढ़ने पर पीलिया का रूप ले लेता है और अंतिम चरण में पहुंचने पर हेपेटाइटिस लिवर सिरोसिस और यकृत कैंसर का कारण भी बन सकता है। समय पर उपचार न होने पर रोगी की मृत्यु तक हो सकती है। हालांकि यह स्थिति स्वत: नियंत्रण वाली हो सकती है, यह स्वयं ठीक हो सकता है, या यकृत में घाव के चिह्न् रूप में विकसित हो सकता है। हेपेटाइटिस विषाणुओं के रूप में जाना जाने वाला विषाणुओं का एक समूह विश्व भर में यकृत को आघात पहुंचने के अधिकांश मामलों के लिए उत्तरदायी होता है।

हेपेटाइटिस मूलत: पांच प्रकार का होता है हैपेटाइटिस ए, बी, सी, डी, व ई। भारत में आंकड़ों के अनुसार देखें तो ए, बी, सी और ई का संक्रमण है किन्तु हेपेटाइटिस डी का संक्रमण यहां नहीं है। शुरूआती हैपेटाइटिस के अधिकांश मामले विषाणुजनित संRमण से होते हैं। विषाणुजनित हेपेटाइटिस निम्न प्रकार से आते हैं।

हेपेटाइटिस ए– यह रोग प्रमुखतया जलजनित रोग होता है। आंकड़ो के अनुसार हर वर्ष भारत में जलजनित रोग पीलिया के रोगियों की संख्या बहुत अधिक हैं। यह बीमारी दूषित खाने व जल के सेवन से होती है। जब नालियों व मल-निकासी का गंदा पानी या किसी अन्य तरह से प्रदूषित जल आपूर्ति के माध्यम में मिल जाता है जिससे बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित होते हैं। आमतौर पर यह बीमारी तीन-चार हफ्तों के मात्र परहेज से ठीक हो जाती है किंतु गर्भवती महिलाओं को पीलिया होने से अधिक समस्या होती है। ऐसे में माँ और बच्चा दोनों की जान को खतरा होता है। यकृत में कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जिनके कारण रक्त के बहाव में अवरोध उत्पन्न होता है। इन्हें थ्रॉम्बोसाइट कहते हैं।

हेपेटाइटिस बी-आंकड़ों पर आधारित अनुमान के अनुसार विश्व भर में दो अरब लोग हेपेटाइटिस बी विषाणु से संRमित हैं और 35 करोड़ से अधिक लोगों में क्रॉनिक हेपेटाइटिस संक्रमण होता है, जिसका मुख्य कारण शराब है। हेपेटाइटिस-बी में त्वचा और आँखों का पीलापन (पीलिया), गहरे रंग का मूत्र, अत्यधिक थकान, उल्टी और पेट दर्द प्रमुख लक्षण हैं। इन लक्षणों से बचाव पाने में कुछ महीनों से लेकर एक वर्ष तक का समय लग सकता है। हेपेटाइटिस बी क्रॉनिक हो सकता है। जो बाद में लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर में परिवर्तित हो सकता है। नियमित टीकाकरण के एक भाग के तहत तीन या चार अलग-अलग मात्र में हेपेटाइटिस बी का टीका दिया जा सकता है। नवजात बच्चों, छह माह और एक वर्ष की आयु के समय में यह टीका दिया जाता है। ये कम से कम 25 वर्ष की आयु तक सुरक्षा प्रदान करते हैं।

हेपेटाइटिस सी-हेपेटाइटिस सी शांत मृत्यु या खामोश मौत की संज्ञा दी जाती है। आरंभ में इसका कोई प्रभाव नहीं दिखाई देता और जब तक दिखना आरंभ होता है, यह फैल चुका होता यह रोग रक्त संRमण से फैलता है। हाथ पर टैटू गुदवाने, संक्रमित खून चढ़वाने, दूसरे का रेजर उपयोग करने आदि की वजह से हेपेटाइटिस सी होने की संभावना रहती है। हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में सिरोसिस और लिवर कैंसर होते हैं। हेपेटाइटिस के अन्य रूपों की तरह हेपेटाइटिस सी, लीवर में सूजन पैदा करता है। हेपेटाइटिस सी वायरस मुख्य रूप से रक्त के माध्यम से स्थानांतरित होता है और हेपेटाइटिस ए या बी की तुलना में अधिक स्थायी होता है।

हेपेटाइटिस डी-यह रोग तभी होता है जब रोगी को बी या सी का संRमण पहले ही हो चुका हो। हेपेटाइटिस डी विषाणु इसके बी विषाणुओं पर जीवित रह सकते हैं। इसलिए जो लोग हेपेटाइटिस से संRमित हो चुके हों, उनके हेपेटाइटिस डी से भी संRमित होने की संभावना रहती है। जब कोई व्यक्ति डी से संक्रमित होता है तो सिर्फ बी से संRमित व्यक्ति की तुलना में उसके यकृत की हानि की आशंका अधिक होती है। हेपेटाइटिस बी के लिये दी गई प्रतिरक्षा प्रणाली कुछ हद तक हेपेटाइटिस डी से भी सुरक्षा कर सकती है। इसके मुख्य लक्षणों में थकान, उल्टी, हल्का बुखार, दस्त, गहरे रंग का मूत्र होते हैं।
हेपेटाइटिस ई-हेपेटाइटिस ई एक जलजनित रोग है और इसके व्यापक प्रकोप का कारण दूषित पानी या भोजन की आपूर्ति है। प्रदूषित जल इस महामारी के प्रसार में अच्छा सहयोग देता है और कई स्थानीय क्षेत्रों में कुछ मामलों के स्रोत कच्चे या अधपके शेलफिश का सेवन भी होता है। इससे विषाणु के प्रसार की संभावना अधिक होती है। हालांकि अन्य देशों की तुलना में भारत के लोगों में हेपेटाइटिस ई न के बराबर होता है। बंदर, सूअर, गाय, भेड़, बकरी और चूहे इस संक्रमण के प्रति संवेदनशील हैं।

दीन-दुखियों की मदद ही सच्ची तीर्थयात्रा

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जीवन शैली। अपनी हज यात्रा पूर्ण कर एक दिन अब्दुला बिन मुबारक काबा में ही सोए हुए थे। तभी उन्होंने सपने में दो फरिश्तों को आपस में बातें करते हुए देखा। एक फरिश्ते ने पूछा-इस साल हज के लिए कितने लोग आए और उनमें से कितनों की दुआ कबूल हुई? दूसरे फरिश्ते ने कहा-वैसे तो हज करने को लाखों लोग आए थे, मगर इनमें से दुआ किसी की भी कबूल नहीं हुई। इस वर्ष दुआ सिर्फ एक की ही कबूल हुई है और वह भी ऐसे इंसान की है, जो यहां आया भी नहीं था। यह सुनकर पहले फरिश्ते को बड़ा आश्चर्य हुआ। उस ने हैरानी से पूछा-भला वह कौन ऐसा खुशनसीब है, जो कि यहां आया भी नहीं और उसकी दुआ भी कबूल हो गई? तब दूसरा फरिश्ता बोला-वह है दमिश्क का मोची अली बिन मूफिक। फरिश्तों की ये बातें सुनकर अब्दुला ने सोचा कि उस पाक हस्ती से जरूर मिलना चाहिए। मोची से मिलने को अब्दुला अगले ही दिन दमिश्क के लिए चल पड़े और वहां उनका घर भी ढूंढ लिया। अब्दुला बिन मुबारक ने मोची से पूछा-क्या तुम हज को गए थे? इतना सुनते ही उनकी आंखों में आंसू भर आए। न में सिर हिलाते हुए कहा-मेरा मुकद्दर कहां, जो हज को जा पाता! जिंदगी भर की मेहनत से कुछ दिरहम हज के लिए जमा किए थे, मगर एक दिन देखा कि पड़ौस में गरीब लोग पेट की आग बुझाने के लिए वे चीजें खा रहे हैं, जिन्हें खाया ही नहीं जा सकता। उनकी बेबसी ने मेरा दिल हिला दिया और हज के लिए जो रकम जमा की थी, उन गरीबों में बांट दी। अब हज पर जाऊंगा भी तो कैसे। कोई सूरत नजर नहीं आती। इस तरह अब्दुला बिन मुबारक समझ गए कि उस शख्स को हज पर जाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दीन-दुखियों की मदद ही सच्ची तीर्थयात्रा है।

संविदा शाला शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में शामिल करने के निर्देश

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मध्यप्रदेश। प्रदेश में वर्ष 2013-14 में सीधी भर्ती प्रक्रिया के अन्तर्गत सरकारी स्कलों में 42 हजार 88 संविदा शाला शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। नियुक्त किये गये संविदा शाला शिक्षकों को कार्य करते हुए 3 वर्ष से अधिक की सेवा अवधि हो चुकी है। लोक शिक्षण संचालनालय ने संविदा शाला शिक्षक को अध्यापक संवर्ग के पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने समस्त जिला कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये है।

तीन वर्ष की संविदा नियुक्ति की कालावधि पूरी कर चुके संविदा शाला शिक्षकों को अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की पात्रता के संबंध में गठित छानबीन समिति निर्धारित मापदंडों की जाँच करेगी। छानबीन के बाद ही पात्र पाये जाने पर अध्यापक संवर्ग में नियुक्ति की जायेगी। संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-1 को वरिष्ठ अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक-2 को अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक श्रेणी-3 को सहायक अध्यापक के रूप में अध्यापक संवर्ग के वेतनमान के न्यूनतम पर नियुक्त किया जायेगा। आगामी वेतन वृद्धि की तारीख एक वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद देय होगी।

जिले में गठित छानबीन समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी होंगे। समिति में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी अथवा सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण समिति के सदस्य सचिव होगे। समिति में अनुसूचित जाति अथवा जनजाति प्रवर्ग के एक अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित जिला कलेक्टर्स को नियत समय में आवश्यक कार्यवाही करने के लिये कहा है।

देखिये घर पर पड़े कबाड़ को कैसे बनाया उपयोगी

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जीवन शैली। अक्सर फोन चार्ज करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, क्योंकि जहां फोन चार्ज करने का स्लॉट होता है उसके आसपास कहीं भी फोन रखने की जगह नहीं होती। ऐसे में फोन ऐसी जगह रखना पड़ता है जहां से फोन के गिरने का खतरा बना रहता है। लेकिन आपको परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप घर पर रखी प्लास्टिक बोतल से खूबसूरत सा फोन स्टैंड बना सकते हैं।
1) सबसे पहले एक प्लास्टिक की बोतल लें। ये बोतल शैम्पू, पाउडर आदि की हो सकती है।
2) अब बोतल पर पैन या पेन्सिल से निशान बनाएं।
3) अब तस्वीर में दिखाये तरीके से बोतल को काट लें।
4) बोतल के बैक साइड में दी कट को अपने चार्जर से बड़ा रखें, जिससे वह उसमें फिट हो सके।
5) बोतल को कट करने के बाद, उसके किनारों को सैंडपेपर से स्मूथ कर लें।
6) अब बोतल को एक अच्छे से पेपर से सजा लें, इसके लिए आप पैंकिंग पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे आप ग्लू       से बोतल के ऊपर चिपका दें।
7) अब अपना पसंद किया हुआ डिजाईन बोतल पर लगा दें। बोतल के तले को खाली न छोडें, तले पर भी डिजाईन           डिजाईन लगा दें।
8) अब बोतल की बैक साइड जो हिस्सा काटा है उसमें से चार्जर को प्लग में लगा दीजिए और फोन को बोतल के अंदर       रख दीजिए।
9) आपका शानदार और आकर्षक  चार्जिंग स्टैंड तैयार है।
अब आप इसे फोन चार्जिंग के लिए इस्तेमाल कर पाएंगे और आपका फोन भी एकदम सेफ रहेगा।

शादी में करें कुछ इस तरह से अरमानों को पूरा

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मनोरंजन। जब किसी की शादी होती है तो वह अपने सभी अरमानों को पूरा करना चाहती है। वैडिंग रिसेप्शन से लेकर अपने डिजाइनर लंहगे तक सब कुछ परफैक्ट चाहती है।अगर वैडिंग लहंगे की बात करें तो उसके साथ पहनने वाले ब्लाउज या चोली कुछ खास होनी चाहिए।Image result for दुल्हन को फैशनबेल दिखाएंगे ये स्लीव्स स्टाइलअगर आप जल्द से जल्द दुल्हन बनने जा रही है और कुछ अलग फैशन स्टेटमेंट बनाना चाहती है तो अपनी वैडिंग आउटफिट्स को कुछ अलग लुक दें। पुराने स्टाइल को बदले और अपनी वैडिंग आउटफिट को एक्पेंसिव रूप से अपग्रेड करें। इसके लिए अपने ब्लाउड पर फोकस करें। ब्लाउज़ के स्लीव्स को अलग-अलग स्टाइल में डिज़ाइन देकर अपने लुक में स्टाइल का तड़का लगाएं।

* शीयर स्लीव्स
शीयर यानी पारदर्शी। इस स्लीव्स के ब्लाउज ज्यादातर टीवि सीरियल की बहूओं पहना देखा जाता है। अगर आप भी एलीगेंट तरीके से स्किन शो करना चाह  चाहती है तो शीयर स्लीव्स वाले ब्लाउज़ को अपने लहंगे और साड़ी के साथ कैरी करें। शीयर स्लीव्स आपको सीक्विन, एम्ब्रॉयडरी और लेस कई तरह के वर्क पैटर्न में मिल जाएंगे।

* बेल स्लीव्स
अगर आप नए-नए एक्सपेरिमेंट करने से नहीं डरती तो ब्लाउड में इस स्टाइल की स्वीव्स ट्राई करें। यह ट्रैंड काफी हटके है जिसे ब्राइड्स इस मौसम में ट्राई कर सकती है। इससे आपका डिफरैंट ही नहीं बल्कि स्टाइलिश लगेगा और यह काफी कम्फर्टेबल भी रहेंगी।

* कोल्ड शोल्डर
इन दिनों कोल्ड शोल्डर का ट्रैंड काफी जोरो-शोरो पर है। स्लीव्स का यह तरीका करीब 90 के दश्क का है जो आज फिर ट्रैंड में छाया हुआ है। इन्हें पिक-ए-बो शोल्डर भी कहा जाता है। इसमें कंधे पर थोड़ा सा कट लगा होता है। लहंगे और साड़ी में इंडो-वेस्टर्न लुक के लिए कोल्ड शोल्डर स्लीव्स परफेक्ट रहेगी।

* लेस स्लीव्स
लेस स्लीव्स वाले ब्लाउज़ रोमांटिक आकर्षण देती है। फ्लेटर्रिंग लेस वाली स्लीव्स  ब्राइड्स को ग्लैमरस लुक देगी।  इस तरह के स्लीव्स वाले ब्लाउज़ में आप बेफ्रिक होकर स्किन शो कर सकती हैं साथ ही ये शादी के हिसाब से ट्रेंडी भी लगेंगे।

अपने शरीर के कारण सालाना यह महिला कमा रही है लाखों

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देश विदेश।।ऊटा: दुनियाभर में कई एेसे लोग हैं जो अजीबोगरीब कारणों के कारण चर्चा का विषय बन जाते हैं। ऐसी ही अमरीकी प्रांत ऊटा के साल्ट लेक सिटी की रहने वाली एक मॉडल अलेग्रा कोल(47)हैं। बतौर मॉडल काम करने वाली अलेग्रा कभी चर्च में पियानो बजाती थीं।अलेग्रा ने कहा कि 30 साल की उम्र तक मेरी पहचान पियानो टीचर की थी, तभी एक मॉडलिंग असाइनमेंट ने मेरी लाइफ बदल दी। मैं खुद को कार्टून कैरेक्टर जेसिका रैबिट की तरह परफेक्ट दिखाना चाहती थी। जिसके चलते मैंने सर्जरी करवाने का फैसला किया,जिसमें बोटोक्स से लेकर ब्रेस्ट सर्जरी तक शामिल थी। ऐसे में मैं बार-बार सर्जरी कराने लगी, जिसके बाद मेरे ब्रेस्ट का साइज 54 इंच हो गया। इसके कारण मुझे काफी परेशानी भी होती है,लेकिन मैं खुश हूं।’ मैं अपनी बॉडी के कारण ही साल भर में 64 लाख रुपए तक कमा लेती हैं। अलेग्रा ने कहा कि मैं आज भी चर्च के प्रारंभिक मूल्यों को मानती हूं, लेकिन मैं उसके कुछ सिद्धांतों को नहीं मान सकती।

अब आप आसानी से अपना बैंक बदल सकेंगे

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देश विदेश।अब आप आसानी से अपना बैंक बदल सकेंगे, लेकिन इससे आपका खाता नंबर नहीं बदलेगा। आर.बी.आई. के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बैंकों से कहा है कि वो एक बार फिर से अकाऊंट नंबर पोर्टेबिलिटी को शुरू करें। भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एस. एस. मूंदड़ा ने बैंकों से खाता नंबर पोर्टबिलिटी की दिशा में काम करने के लिए कहा है क्योंकि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर होंगी।

बैंकिंग ऑम्बसमैन की कांफ्रेस को संबोधित करते हुए मूंदड़ा ने कहा कि बैंकों को तकनीकी रूप से दक्ष नई पीढ़ी के ग्राहकों को और अधिक विकल्प उपलब्ध कराने चाहिए। मूंदड़ा के हवाले से रिजर्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा, एक ऐसा परिदृश्य उभर रहा है जिसमें अगर सेवा को लेकर किसी तरह के असंतोष की बात हुई तो ग्राहक चुपचाप एक संस्थान से दूसरे संस्थान की ओर खिसक सकता है।
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मूंदड़ा ने कहा कि इससे खाता नंबर पोर्टबिलिटी की संभावना मजबूत हो रही है। इसलिए बैंकों को इस दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने चेक बक्सों से चेक गायब होने की शिकायत पर भी गौर फरमाया और सुझाव दिया कि इस स्थिति में ग्राहक को तत्काल मुआवजा दिया जाना चाहिए।

 

महिलाओं और लड़कियों की सबसे बड़ी दिक्कत, पढ़िये यह खबर

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मनोरंजन। महिलाओं और लड़कियों की सबसे बड़ी दिक्कत में से एक होती है मौसम के अनुकूल ड्रेस का चुनाव करना। ऐसे में वो कई हीरोइनों के ड्रेसिंग सेंस से इंप्रेस हो जाती हैं। अगर आप भी इस मानसून में अपनी वॉर्डरोब को मानसून स्टाइल में सजाना चाहती हैं तो एक बार इन हीरोइनों के मानसून लुक पर जरा गौर कीजिए। अगर इस मानसून आप साड़ी से हटकर कोई ड्रेस पहनना चाहती है तो आलिया का ये लुक आपके लिए है। लाइट वेट प्रिंटेड गाउन में आप भी आलिया की तरह क्यूट मानसून लुक अपना सकती हैं।

jacqueline fernandezRelated imageजैकलीन की ये प्लेन येलो साड़ी और उसपर सिल्वर ब्लाउज आपके मॉनसून लुक पर चार चांद लगाने वाला है। अक्सर अपनी ड्रेसेज को लेकर च्रचाओं में रहने वाली दीपिका पादुकोण का मानसून लुक इस फ्रोरल साड़ी में गजब ढा रहा है। आप इसे भी ट्राई कर सकती हैं।

Priyanka Chopraऐसे में प्रियंका के ये वन पीस लुक भी मानसून के लिए पर्फेकट साबित हो सकता है। व्हाइट बेस पर कलरफुल प्रिंट काफी एट्रेक्टिव लग रहा है।

Kareena Kapoorकरीना ने ये मानसून ड्रेस एक मैग्जीन के फोटोशूट में पहनी थी। समर और मानसून में ये आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है।

Sonam Kapoor बात करें सोनम कपूर की तो इनका को हर सीजन में ड्रेसिंग सेंस स्पॉटलाइट में रहता है। इश मानसून आप भी ट्राई करें सोनम का ये येलो और पिंक कूल लुक।

Katrina KaifRelated imageफिल्म ‘जग्गा जासूस’ के प्रमोशन में कैटरीना ज्यादातर फ्लोरल प्रिंट ड्रेसेज में ही नजर आईं हैं। ऐसे में आप भी अपना सकती है उनका ये मानसून स्टाइल।

Deepika PadukoneImage result for दीपिका पादुकोण ने 'Femina मैगजीनफैशन की दुनिया भी बड़ी अजीब है कभी कोई अपने अच्छे ड्रेसिंग सेन्स के लिए ट्रोल होता है तो कोई खराब। हाल ही में फैशन दीवा दीपिका पादुकोण ने ‘Femina मैंगजीन’ के लिए फोटोशूट करवाया है जिसमें वो हॉट नजर आ रहीं हैं लेकिन इस बार उनके लुक में जो कॉम्बिनेशन लोगों की आंखों में खटक रहा है वो हैं उनके अजीबोगरीब सैंडल।

Amisha Patelअमीषा पटेल ने हाल ही में एक खास ज्वेलरी ब्रांड के लिए फोटोशूट करवाया है जिसमें उन्होंने रेड कलर का ऑफ शोल्डर गाउन पहना है जिसमें वो काफी ग्लैमरस लग रही हैं। अमीषा ने फोटोशूट की तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है और कैप्शन लिखा है ‘रेड अलर्ट’।

वैसे तो अमीषा ज्यादतर फोटोशूट में रेड ड्रेस पहने नजर आती हैं लेकिन हाल ही में उन्होंने Emerald green कलर का गाउन पहने हुए पर्दे के पीछे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी जिसे काफी सराहा गया।
फैशन की बात की जाए और बॉलीवुड की हसीनाओं की बात न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। एक से बढ़कर एक स्टाइलिश ड्रेसेज के साथ लेटेस्ट हेयर स्टाइल अपनाकर ये परियां किसी को भी अपने लुक से कायल कर सकती हैं।

इनको हर तरह की पूजा स्वीकार है, जानिए कौन से हैं भगवान

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धर्म।शिव एक मात्र ऐसे भगवान हैं जो हर तरह की पूजा स्वीकार लेते हैं। उन पर अकौड़ा, धतूरा, भांग, दूध और चंदन सब कुछ अर्पित करके प्रसन्न किया जा सकता है। सावन का महीना तो है ही भोलेनाथ को समर्पित तो आप सब उन्हें प्रसन्न करने में पूरी आस्था के साथ लगे हैं। शिव के भक्त भी उनकी तरह ही भोले होते हैं और भावना में डूब कर बस उनकी आराधना में लगे रहते हैं, पर फिर भी कुछ बातें भोले को भी नहीं भाती उनका ख्याल जरूर रखें। जैसे कुछ चीजें हैं जो शंकर की पूजा में इस्तेमाल करना वर्जित हैं तो भक्ति के भाव में उन्हें प्रयोग करने की गलती ना करें। आइये जाने क्या हैं वे चीजें।
ये पांच चीजें कभी अर्पित ना करें
1. शंख: भगवान विष्णु और ब्रह्मा दोनों की पूजा में शंख का प्रयोग होता है लेकिन शिवजी का अभिषेक कभी भी शंख से ना करें। कहते हैं जबसे शंकर जी ने शंखचूड़ राक्षस का वध किया है तबसे उनकी पूजा में शंख का निषेद्ध हो गया है।
2. तुलसी: शिव जी की पूजा में तुलसी की पत्ती का प्रयोग भी नहीं होता, क्योंकि उन्हें वृंदा रूप में तुलसी के पति जलंधर का भी वध किया था। इसीलिए शिव के भोग में बेलपत्र चढ़ता है तुलसी नहीं।
3. खंडित अक्षत: वैसे तो कोई खंडित चीज किसी भगवान पर नहीं चढ़ानी चाहिए पर जब अक्षत अर्पण करने की बात आती है तो हम अक्सर ध्यान नहीं देते की कहीं वे टूटे हुए तो नहीं हैं। शिव जी की पूजा में विशेष रूप से इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें टूटे चावल यानि खंडित अक्षत ना चढ़ाएं।
4. केतकी पुष्प: एक बार शिव से झूठ बोलने दंड केतकी आज तक भुगत रही है इसलिए शिव जी पर केतकी का पुष्प अर्पित नहीं होता वैसे शिव पर गुड़हल का फूल भी नहीं चढ़ाना चाहिए।
5. लाल चंदन:  शिव बैरागी हैं और उन पर बैराग्य का प्रतीक केसरिया या पीला चंदन चढ़ाया जाता है। लाल चंदन उन पर बिलकुल नहीं चढ़ाना चाहिए।

लौट आया है अब यह दौर, बन गया है फैशन

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मनोरंजन।आज हम उस दौर में जिंदगी जी रहे हैं जहां हर दिन या कहें तो हर घंटे फैशन बदलता है। अगर बात करें लड़कियों की तो फैशन के मामले में कोई भी इनका मुकाबला नहीं कर सकता है। फिर चाहे वह अलग दिखने वाला कोई लुक हो या फिर ड्रेस.. गर्ल्स हर तरह के एक्सपीरिमेंट्स करती रहती हैं। लेकिन एक ऐसा फैशन है जो पिछले कुछ साल से काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है। यह है रिप्ड यानी फटी जींस पहनने का ट्रेंड। फैशन के दीवाने कई लोग इस तरह की जींस पहने दिख जाते हैं।

शॉपिंग करते हुए या फिर कहीं किसी सड़क पर चलते हुए कई हॉलिवुड और बॉलिवुड सिलेब्रिटिज रिप्ड जीन्स पहने हुए देखे जाते हैं। ऐसी जींस आमतौर पर घुटनों या फिर जांघ के पास से रिप्ड (फटी हुई) होती है। दिलचस्प बात तो यह है कि इन फटी हुई जींस की कीमत नॉर्मल जींस से काफी ज्यादा होती है।

 

 

 

कहां से शुरू हुआ फैशन?
जींस को सबसे पहले 1970 में डिजाइन किया गया था। इसे एक जर्मन बिजनेसमैन लोइब स्ट्रॉस ने डिजाइन किया था। उन्होंने इसका नाम लेवी रखा था और स्ट्रॉस ने ही डेनिम ब्रांड की शुरुआत की थी। उन्होंने रेशेदार कॉटन के कपड़ों को मिलाकर एक ट्राउजर तैयार किया, जो एक वर्किंग मैन पर काफी सूट करता था। इसके अलावा उन्होंने इसका रंग गहरा नीला कर दिया।इसके बाद जीन्स में रिप्ड ट्रेंड शुरू हुआ। हालांकि उस दौर में इसका काफी विरोध भी हुआ और लोगों ने इसका मजाक भी बनाया। डेनिम ने सोसाइटी के सामने इसे एक नए फैशन के तौर पर रख दिया था। लेकिन इस तरह के फैशन को असली किक तब मिली जब हॉलिवुड ऐक्ट्रेसेज ने इसे अपनाया। इसके बाद लोग अपनी जींस को खुद ही फाड़ने या काटने लगे। हालांकि इसके बाद डेनिम ने इस तरह की रिप्ड जीन्स काफी तादाद में बनाना शुरू कर दिया।

कैसी होती है रिप्ड जींस?
डेनिम अपनी जींस को दो तरह से रिप करता है, एक लेजर तरीके से और दूसरा तरीका हाथों से रिप करने का है। आमतौर पर सस्ते ब्रांड के जींस को हाथों से ही रिप करवाते हैं। लेकिन बड़े ब्रांड इसे एक प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर से लेजर की मदद से रिप करते हैं।

फिर से लौटा दौर
बीच में रिप्ड जीन्स का फैशन थोड़ा कम हो गया था। ज्यादा लोग इस तरह की जींस नहीं पहनते थे। लेकिन 2010 में एक बार फिर रिप्ड जीन्स का ट्रेंड चला। डीजल और बालमेन जैसे डिजाइनर्स ने इसे फिर से लॉन्च किया और अपने स्टोर्स में उतारा।