अधारताल क्षेत्र में कोरोना की दस्तक, रिपोर्ट में निकला पॉजिटिव

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। जबलपुर।मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब से मिली 58 सेम्पल की रिपोर्ट्स में रविन्द्र कॉलोनी आधारताल निवासी 73 बर्ष के एक बुजुर्ग को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है । इसके पहले भी अधारताल क्षेत्र में एक पुलिस कर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। जिसका उपचार मेडिकल में जारी है।अब एक और पीड़ित इस क्षेत्र में आ जाने से नागरिक दहशत में आ गए हैं।

मास्क की तरह चश्मा लगाने की भी डालिए आदत, वरना आप भी हो सकते हैं संक्रमित, आंखों से भी फेल रहा कोरोना, पढ़िए पूरी खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। डॉक्टर बताते हैं कि जब कोई COVID-19 संक्रमित मरीज किसी स्वस्थ व्यक्ति के पास 1 मीटर ससे कम दूरी पर खड़ा होता है, तो वायरस हवा के रास्ते मुंह, नाक और आंख के पास पहुंच जाता है. इस स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए आंखों को भी संक्रमण से बचाना उतना ही जरूरी है, जितना मुंह, नाक और शरीर की त्वचा को, कोरोना वायरस से बचाव करने के लिए अगर आप महज मास्क से अपना मुंह और नाक ढकते हैं, तो ये खबर आपके लिए ही है. डॉक्टर्स का कहना है कि सिर्फ मुंह पर मास्क लगाना पर्याप्त नहीं है. अगर कोरोना संक्रमित व्यक्ति के 1 मीटर से कम दूरी पर आप खड़े हैं, तो आंखों से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने बताया है कि मुंह और नाक के आलावा आंखों को भी सुरक्षित रखना बेहद जरुरी है. ऐसे में हर इंसान को चश्मा पहनना चाहिए, ताकि आंखें संक्रमण से बच सकें. डॉक्टर बताते हैं कि जब कोई COVID-19 संक्रमित मरीज किसी स्वस्थ व्यक्ति के पास 1 मीटर ससे कम दूरी पर खड़ा होता है, तो वायरस हवा के रास्ते मुंह, नाक और आंख के पास पहुंच जाता है. इस स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए आंखों को भी संक्रमण से बचाना उतना ही जरूरी है, जितना मुंह, नाक और शरीर की त्वचा को. डॉक्टर सलाह देते हैं कि सार्वजनिक जगहों पर जाते समय हर किसी को चश्मा लगाना बेहद जरूरी है. चाहे वो नज़र का चश्मा हो, या फिर धूप से बचने का चश्मा।

कोरोना वायरस दे सकता है सबस्यूट थायरॉयडिटिस
कोरोना वायरस को लेकर लगातार रिसर्च चल रहे हैं. इसी बीच द जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में प्रकाशित एक नए मामले के अध्ययन के अनुसार कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित हुए रोगियों को एक सूजन संबंधी बीमारी ‘सबस्यूट थायरॉयडिटिस’ (Thyroid) हो सकती है. ये बात नए शोध में सामने आई है. शोधकर्ताओं ने बताया कि सबस्यूट थायरॉयडिटिस एक सूजन थायरॉयड रोग है. इसकी विशेषता है कि इसके चलते गर्दन में दर्द होता है और यह आमतौर पर एक अपर रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट संक्रमण के चलते होता है. कोरोना संक्रमण के लक्षणों या फिर पोस्ट इफेक्ट इस बीमारी के तौर पर हो सकता है।

हल्दी हराएगी कोरोना को
मेडिकल साइंस में हल्दी को भी कोरोना से लड़ने में कारगर माना जा रहा है. मार्च महीने में कोरोना वायरस ने जब यूरोपीय और पश्चिम एशिया के देशों में कहर बरपाना शुरू हुआ तो अचानक हिन्दुस्तान के पारंपरिक खान-पान में सदियों से शामिल हल्दी की मांग अचानक उन देशों में अचानक बढ़ गई. माना जा रहा है कि हल्दी के सेवन से कोरोना बीमारी से बचा जा सकता है और अगर इंफेक्शन हो भी गया है, तो इलाज में हल्दी से काफी हद तक मदद मिल सकती है।

कारगर साबित हो सकता होम्योपैथी पद्धति से कोरोना का इलाज, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

इंडिया 2डे न्यूज (आपके साथ) देश-दुनिया। कोरोना (corona virus)से लड़ाई में होम्योपैथी कारगर हथियार साबित हो सकती है. होम्योपैथ और नेमीनाथ होम्योपैथी कॉलेज और अस्पताल (Naimi Nath Homeopathic College and Hospital) के प्रिंसिपल डॉ प्रदीप गुप्ता (Pradeep Gupta) ने बताया कि होम्योपैथिक दवाओं से COVID-19 रोगियों के इलाज के जो प्रयोग किये गए हैं, उनके सफल परिणाम मिले हैं. डॉ गुप्ता ने अब सभी संबंधित विभागों को पत्र लिखकर मौजूदा स्वास्थ्य संकट से देश को बचाने के लिए होम्योपैथी द्वारा मरीजों के इलाज की अनुमति देने की मांग की है।

डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक, ICMR से अनुमति मिलने के बाद, हमने FH मेडिकल कॉलेज से 44 COVID-19 मरीजों को 5 मई को अपने अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था. हमने 22 मरीजों के दो समूह बनाये. पहले समूह को हमने होम्योपैथिक दवाएं दीं. तीन दिनों में इस समूह के सभी मरीज कोरोना के लक्षण से मुक्त हो गए और सात दिनों के भीतर वह पूरी तरह स्वस्थ बन गए. उनकी दोनों रिपोर्ट्स इसकी पुष्टि करती हैं. जबकि दूसरे समूह के मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है’.

गौरतलब है कि भारत में पांच लाख से अधिक होम्योपैथ हैं. डॉ प्रदीप गुप्ता ने आगे कहा, ‘मैंने सभी से यह कहा है कि मैं देश में कहीं भी अपने खर्चे पर कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार हूं. होम्योपैथी दवाओं के बारे में लोग पहले से ही जानते हैं. कंटेनमेंट जोन में इन दवाओं को मुफ्त में वितरित किया जा सकता है, इससे काफी दबाव कम होगा’. डॉक्टर गुप्ता ने सवाल किया कि जब आपके पास कोई विकल्प नहीं है और कोरोना की वैक्सीन बनने में काफी वक्त लगने वाला है, तो फिर होम्योपैथी को आजमाने में हर्ज क्या है?

वहीं, एक अन्य होम्योपैथ डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा प्रिवेंटिव पैकेज की पेशकश कर रहे हैं. जिसके बारे में उनका दावा है कि कई मरीजों को उससे राहत मिली है. विशेषज्ञों का कहना है कि होम्योपैथी सस्ती और प्रभावी दोनों है. वे चाहते हैं कि सरकार होम्योपैथी को COVID-19 रोगियों के इलाज का मौका दे।

कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक है यह बीमारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा, देश मरने वालों की संख्या होगी ज्यादा

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। आपको लग रहा होगा कि देश में सबसे बड़ा खतरा कोरोना वायरस है. लॉकडाउन होने के देश में हजारों लोगों की जान बच जाएगी. लेकिन आपका सोचना गलत भी हो सकता है. दरअसल अब कई वैज्ञानिक दावा करने लगे हैं कि कोरोना वायरस की बजाए टीबी और हैजा से मरने वालों की संख्या देश में कहीं ज्यादा होगी।

देश में टीबी और हैजा के हैं ज्यादा मामले
टीबी (तपेदिक) और हैजा जैसी बीमारियों को नजरअंदाज करने से कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन से जिंदगियां बचाने की कोशिशें बेअसर साबित होंगी. जन स्वास्थ्य क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि जितनी जिंदगियां इन प्रयासों से बचाई गई, उतनी ही जान टीबी और हैजे की वजह से जा सकती हैं।

हैदराबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर वी रमण धारा ने कहा कि तपेदिक, हैजा और कुपोषण जैसी गरीबी संबंधी बीमारियों से जान जाने की घटनाओं पर विचार करना ही होगा जिनके ‘लॉकडाउन जारी रहने’ के दौरान नजरअंदाज किए जाने की आशंका है. उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से होने वाली मौतें संभवत: लॉकडाउन के चलते बची जिंदगियों की उपलब्धि को बेअसर कर देंगी।

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि हर किसी को इस महामारी को मानवों द्वारा पर्यवारण को पहुंचाए गए बेहिसाब नुकसान को प्रकृति की ओर से दी गई प्रतिक्रिया के रूप में देखना चाहिए जिसके कारण जानवरों के प्राकृतिक वास छिन गए और परिणामस्वरूप इंसानों तथा जानवरों के बीच के संबंध खराब हो गए.।

भारत में कोविड-19 स्थिति के अपने आकलन में धारा ने पाया कि शनिवार शाम तक आए संक्रमण के 1,25,000 मामले साफ तौर पर मई के अंत तक अनुमानित 1,00,000 मामलों से ज्यादा हो गए हैं और इनका लगातार बढ़ना जारी है. मामलों के हिसाब से मृत्यु दर भले ही धीरे-धीरे कम हो रही हो लेकिन कुल मृत्यु दर अधिक महत्त्वपूर्ण है लेकिन उनका कहना है कि हो सकता है सही आंकड़ें सामने नहीं आ रहे हों क्योंकि मौत के कुछ मामलों में कोविड-19 की जांच न की गई हो इसकी संभावना है।

कोरोना के मामलों को लेकर जबलपुर की स्थिति, पढ़िए पूरी खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। जबलपुर जिले की आज रविवार 24 मई की शाम 7 बजे तक की कोरोना सबंधी जानकारी।

कोरोना से डरे नहीं, क्योंकि इतने सारे लोगों ने जीत ली है जंग, लड़ेंगे तभी जीतेंगे हम

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर।कोरोना से स्वस्थ हुए 12 व्यक्तियों को सुखसागर कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है । नई गाईडलाइन के अनुसार डिस्चार्ज किये गये इन व्यक्तियों को अगले सात दिन के लिये सुखसागर स्थित क्वारेन्टीन सेंटर भेजा गया है । इन्हें मिलाकर जबलपुर में अब तक मिले 212 कोरोना संक्रमितों में से 141 स्वस्थ हो चुके हैं ।

आज इन क्षेत्रों में मिले कोरोना के मरीज, तीनों युवा हैं पीड़ित

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश।जबलपुर। मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब और आईसीएमआर लैब से आज मिली 89 सेम्पल की रिपोर्ट्स में तीन व्यक्तियों को पॉजिटिव पाया गया है । इनमें एक 25 वर्ष,एक 30 वर्ष और एक 32 वर्ष का पुरुष शामिल है । पॉजिटिव पाये गये प्रकरण में साउथ मिलौनीगंज , वीरेन्द्र तेली की गली निवासी 25 बर्षीय युवक , गंजखमरिया थाना कटंगी निवासी 30 बर्षीय प्रवासी मजदूर जो अहमदाबाद से 22 मई को कटंगी पहुंचा था तथा 32 बर्षीय आरपीएसएफ का कांस्टेबल जो यहाँ आरपीएसएफ बैरक में रहता है 16 मई को कटनी से जबलपुर आया था तथा बुखार आने पर रेलवे हॉस्पिटल में भर्ती था , शामिल हैं ।

अब बिना लक्षण वाला कोरोना आया सामने, यह अभिनेता की आई रिपोर्ट पॉजिटिव

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) महामरी से संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 25 हजार से अधिक हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक 1 लाख 25 हजार 101 लोग कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 3 हजार 720 लोगों की मौत हो गई है. वर्तमान में 69 हजार 597 लोग कोरोना महामारी से ग्रस्त हैं, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए कुल 51 हजार 783 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इस बीमारी से मनोरंजन जगत भी अछूता नहीं रहा है. बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के बाद अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता किरण कुमार भी इस बीमारी के चपेट में आ चुके हैं. बता दें, खबरों की मानें तो किरण में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. वह बिल्कुल ठीक थे. उन्हें न बुखार थी और न ही खांसी. यहां तक की उन्हें सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी. इसके बावजूद उनका कोराना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। वहीं, किरण अपने घर में ही आइसोलेशन में हैंं और जल्द ही वह अपना दोबारा टेस्ट करवाने वाले हैं. बता दें, इससे पहले कनिका कपूर को कोरोना वायरस हुआ था, लेकिन अब वह पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं. कनिका कई हफ्तों तक लखनऊ के एक हॉस्पिटल में एडमिट थी।

दीन दुखियों का दर्द दूर करना ही ईश्वर की सच्ची आराधना, मेडिकल कॉलेज के छात्र कर रहे प्रवासियों की सेवा

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। कोरोना संकटकाल में विपरीत परिस्थितियों में दीन दुखियों की सेवा कर उनके आंसू पोछना ही ईश्वर की सच्ची आराधना है, इसी आराधना को चरितार्थ करते हुए मेडिकल कॉलेज के छात्र इन दिनों अस्पतालों के साथ-साथ प्रवासियों की मदद कर रहे हैं और उनके लिए सड़क पर भोजन व पानी सहित अन्य की व्यवस्था करवा रहें हैं।


यह छात्र विगत कई दिनों से सेवा कार्यों में लगे हुए हैं, जिसमें उनके द्वारा महाराजपुर बाईपास कटनी रोड जबलपुर राधा स्वामी सत्संग न्यास के बाजू से एन.एम.ओ (नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन) के माध्यम से अभियान घर की ओर के तहत प्रवासी मजदूरों को पानी , बिस्कुट , छाछ और भोजन में खिचड़ी का वितरण किया गया जा रहा है, वहीं उनको साबुन और ठंडाई भी बाँटे जा रहें हैं, इस दौरान प्रमुख रूप से डॉ.शुभांशु शर्मा , डॉ.अनिष्क अग्रवाल , डॉ. शालीन श्रीवास्तव, डॉ. गौरव दुबे वहीं महाराजपुर क्षेत्र से सुनील शर्मा, अमित मिश्रा, अरुण झा एवं आयुष झा का सहयोग सराहनीय रहा। इसके अलावा इस कार्य में खाद्यानपूर्ती के सहयोगी गायत्री परिवार एवं शिव कुमार तिवारी का महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

सिहोरा में पंहुचा कोरोना, इस क्षेत्र का है पीड़त

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर।आईसीएमआर लैब से आज शनिवार की रात मिली 68 सेम्पल की रिपोर्ट में एक व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है । पॉजिटिव सिहोरा का नया मोहल्ला नम्बर-एक कमानिया गेट के समीप रहने वाला 21 बर्षीय युवक है । वो अहमदाबाद में एक फैक्ट्री में काम करता था और वहाँ 10 मई को सिहोरा पहुंचा था । इसी दिन उसकी खितौला में स्क्रीनिंग की गई थी और डॉ भीमराव अम्बेडकर छात्रावास में क्वारेन्टीन में था । कवारेन्टीन सेंटर से उसे 22 मई को डिस्चार्ज कर दिया गया था ।