नहीं होगी 10वीं की परीक्षा, निजी स्कूल नहीं ले सकेंगे फीस, पढ़िए पूरी खबर

मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएँ

निजी स्कूल केवल टयूशन फीस ले सकेंगे
दसवीं की परीक्षा के शेष बचे पेपर नहीं होंगे

भोपाल : शनिवार, मई 16, 2020, 21:28 IST

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज प्रदेश के विद्यार्थियों के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित की जाने वाली कक्षा 10वीं की परीक्षा के शेष बचे पेपर की परीक्षा नहीं ली जायेगी। जिन विषयों की परीक्षा हो चुकी है, उन्हीं के अंक के आधार पर मैरिट तैयार की जायेगी। बचे हुए विषय के आगे ‘पास’ लिखा जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 12वीं की परीक्षा बच्चों के भविष्य के लिये बहुत महत्वपूर्ण है। बारहवीं का परीक्षा परिणाम उनका भविष्य निर्धारित करता है। बारहवीं की परीक्षा के जो पेपर बचे हुए हैं, उनकी परीक्षा 8 जून, 2020 से 16 जून, 2020 के मध्य आयोजित की जायेगी। सीबीएसई की परीक्षा की तिथियाँ भी घोषित हो गई हैं।

निजी स्कूल केवल टयूशन फीस ले सकेंगे

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह भी घोषणा की है कि निजी स्कूल विद्यार्थियों से केवल टयूशन फीस ले सकेंगे। प्रदेश में 19 मार्च से लॉकडाउन रहने के कारण लॉकडाउन समाप्त होने की अवधि तक निजी विद्यालय बंद रहे हैं, इसलिए टयूशन फीस के अलावा कोई फीस नहीं ले सकेंगे। विद्यालय चल सके इसलिए टयूशन फीस ली जा सकेगी। इसके अतिरिक्त लायब्रेरी, बस, स्पोर्ट्स और अन्य कोई भी शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। स्कूल खुलने के बाद विद्यालय अपना फैसला करेंगे।

मंदिरों के सोने पर कांग्रेस की नजर क्यों?

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। धार्मिक ट्रस्टों के स्वर्ण भंडार को नियंत्रण में लेने के कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के सुझाव पर विवाद बढ़ता जा रहा है. 13 मई को सुझाव देने के बाद कल सफाई में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि उनके सुझाव को गलत तरीके से पेश किया गया है. पृथ्वीराज चव्हाण का कहना है कि गोल्ड डिपॉजिट स्कीम तो वाजपेयी सरकार ने शुरू की थी और 2015 में मोदी सरकार ने गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम लाया था.

In 2015 Modi Govt renamed it to Gold Monetization Scheme. Many temples have pledged their gold according to answer given in Lok Sabha by Fin Min. I shall initiate appropriate action for intentional attempt to communalize my statement. (2/2)

— Prithviraj Chavan (@prithvrj) May 14, 2020

जिसके बाद कई मंदिरों ने अपना सोना भी गिरवी रखा है. पृथ्वीराज चव्हाण ये भी कह रहे हैं कि वो अपने बयान को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने  वालों पर कारवाई करेंगे. उधर, विश्व हिंदू परिषद ने पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर ये कहकर सवाल उठाया है कि जब वक्फ बोर्ड और चर्च के पास भी अपार संपत्ति है तो फिर कांग्रेस को मंदिरों पर ही नजर क्यों है. कुछ नाराज संत ये कह रहे हैं कि पहले कांग्रेस नेताओं की संपत्ति जब्‍त होनी चाहिए. बीजेपी ने पूछा है कि क्या पृथ्वीराज चव्हाण का बयान कांग्रेस की आधिकारिक सोच है? साधु संत, वीएचपी, बीजेपी ने जब पृथ्वीराज चव्हाण के सुझाव पर आपत्ति जताई तो पृथ्वीराज चव्हाण सफाई में ये कह रहे हैं कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया है. बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस के नेता अपनी संपत्ति के बारे में क्यों कुछ नहीं कहते.

एक बार फिर से आपको समझाने की कोशिश करते हैं कि आखिर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने आखिर कौन सा ऐसा सुझाव दिया जिसपर संत समाज भड़क उठा है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि देश के धार्मिक ट्रस्टों, मंदिरों में सोना पड़ा हुआ है इस सोना को सरकार को ब्याज पर ले लेना चाहिए. एक-दो फीसदी ब्याज की दर पर मंदिरों और ट्रस्टों से ये सोना ले लिया जाना चाहिए. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक देश के अलग-अलग धार्मिक ट्रस्टों के पास 75 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का सोना है, ये सोना राष्ट्र की संपत्ति है. कोरोना संकट से निपटने के लिए कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के इस सुझाव के बाद से संत समाज भड़क उठा है. सुमेरु पीठ के शंकराचार्य  नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सबसे पहले कांग्रेस के नेताओं की संपत्ति का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए. मंदिरों की संपत्ति देश की नहीं मंदिरों की है. संत समाज का मानना है कि मंदिरों की संपत्ति पर कांग्रेस की हमेशा से नजर रही है. संतों ने सरकार को सुझाव दिया कि उसे सबसे पहले कांग्रेस नेताओं की संपत्तियां जब्त करनी चाहिए.

क्या आपको भी कुछ मिला है, राहत पैकेज में किसको क्या मिला, पढ़िए पूरी खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया।पीएम मोदी ने मंगलवार को 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का एलान किया. साथ ही उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की मियाद बढ़ाई जाएगी.इस पैकेज के बारे में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विस्‍तार से जानकारी दी

– इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ा दी गई है. इसे 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया है. इसी तरह विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है. पहले ये 30 जून तक के लिए था.

– टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मिली है. बता दें कि सरकार टीडीएस (TDS) के जरिये टैक्स जुटाती है. टीडीएस विभिन्न तरह के आय के स्रोत पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि शामिल हैं.

– रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगा कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए.

– डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90,000 करोड़ रुपये दी जाएगी.

– नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है. इससे नकदी का संकट नहीं रह जाएगा.

– एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा. वहीं आं​शिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा, इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा.

ईपीएफ पर बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार अब अगस्‍त तक कंपनी और कर्मचारियों की तरफ से 12 फीसदी + 12 फीसदी की रकम EPFO में जमा करेगी. इससे करीब 75 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और संस्थाओं को फायदा मिलेगा. बता दें कि मार्च, अप्रैल और मई में भी सरकार ने ही कंट्रीब्‍यूट किया था.मतलब ये कि इस सुविधा को तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है.

– लेकिन इसके साथ कुछ शर्तें हैं. सरकार की इस ऐलान का फायदा सिर्फ उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जिनके पास 100 से कम कर्मचारी है और 90 फीसदी कर्मचारी की सैलरी 15,000 रुपये से कम है. यानी 15 हजार से ज्यादा तनख्वाह पाने वालों को इसका फायदा नहीं मिलेगा.

– कर्मचारियों का 12 फीसदी की जगह 10 फीसदी ईपीएफ कटेगा. हालांकि पीएसयू में 12 फीसदी ही ईपीएफ कटेगा.

एमएसएमई सेक्‍टर की परिभाषा बदल दी गई

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा बदल दी गई है. इसमें निवेश की लिमिट में बदलाव किया गया है. 1 करोड़ निवेश या 10 करोड़ टर्नओवर पर सूक्ष्म उद्योग का दर्जा दिया जाएगा.

– इसी तरह 10 करोड़ निवेश या 50 करोड़ टर्नओवर पर लघु उद्योग का दर्जा दिया जाएगा. वहीं 20 करोड़ निवेश या 100 करोड़ टर्नओवर पर मध्यम उद्योग का दर्जा होगा.निर्मला सीतारमण ने बताया कि मौजूदा दौर में ट्रेड फेयर संभव नहीं है.

– 200 करोड़ तक का टेंडर ग्‍लोबल नहीं होगा. यह एमएसएमई के लिए बड़ा कदम है. इसके अलावा एमएसएमई को ई-मार्केट से जोड़ा जाएगा. सरकार एमएसएमई के बाकी पेंमेंट 45 दिनों के अंदर करेगी.

– वित्त मंत्री के मुताबिक 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में से 3 लाख करोड़ एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग को जाएंगे. इनको बिना गारंटी लोन मिलेगा. इसकी समयसीमा 4 साल की होगी. इन्‍हें 12 महीने की छूट मिलेगी. ये ऑफर 31 अक्‍टूबर 2020 तक के लिए है.

– वित्त मंत्री के मुताबिक जो एमएसएमई तनाव में हैं उन्‍हें सबआर्डिनेट डेट के माध्यम से 20000 करोड़ की नकदी की व्यवस्था की जाएगी. बता दें कि एसएमई में लघु और मझोले कारोबार आते हैं.

– वित्त मंत्री के मुताबिक एमएसएमई जो सक्षम हैं, लेकिन कोरोना की वजह से परेशान हैं, उन्हें कारोबार विस्तार के लिए 10,000 करोड़ के फंड्स ऑफ फंड के माध्यम से मदद दी जाएगी.

– वित्त मंत्री के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र को बैंकों से जुड़े सुधार, बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन जैसे काम किए गए.

– वित्त मंत्री के मुताबिक 41 करोड़ जनधन अकाउंट होल्डर्स के खाते में डीबीटी ट्रांसफर किया गया है.

– वित्‍त मंत्री ने बताया कि 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को लेकर चर्चा में पीएम मोदी के अलावा कई विभागों और संबंधित मंत्रालय चर्चा में शामिल रहे.

 

आज जरूर सुने प्रधानमंत्री को, देश को करेंगे रात को सम्बोधित, लॉक डाउन खुलेगा या बढ़ेगा, देंगे महत्वपूर्ण जानकारी

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) देश-दुनिया। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर से देश को संबोधित करने जा रहे हैं। पीएमओ इंडिया के ट्वीट के अनुसार, नरेंद्र मोदी का यह संबोधन रात आठ बजे शुरू होगा। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कोरोना लॉकडाउन को लेकर पांचवीं बार मुख्यमंत्रियों से सोमवार को बात की थी। उन्होंने लॉकडाउन को पूरी तरह नहीं हटाने, बल्कि प्रतिबंधों में धीरे-धीरे छूट देने का संकेत देते हुए कहा था कि उनका दृढ़ मत है कि लॉकडाउन के पहले तीन चरणों में जिन उपायों की जरूरत थी, वे चौथे में जरूरी नहीं हैं।

उन्होंने मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक व्यापक रणनीति के लिए सुझाव देने को कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में लॉकडाउन की व्यवस्था से कैसे निपटना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न स्थिति पर विस्तृत चर्चा की और कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए संतुलित रणनीति बनाने की जरूरत है और इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि गांव इस महमारी से मुक्त रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली बार कोरोना लॉकडाउन को लेकर अप्रैल के मध्य में देश के नाम संबोधन दिया था। तब उन्होंने देशव्यापी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने का ऐलान किया था। कोरोना वायरस लॉकडाउन के 21वें दिन सुबह 10 बजे पीएम मोदी ने कहा था कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देश में 3 मई तक लॉकडाउन रहेगा। पीएम मोदी ने कहा था कि देश पूरी मजबूती के साथ कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहा है। जिस तरह से देशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है। वहीं, इससे पहले प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से 25 मार्च से लॉकडाउन जारी है। 54 दिन का लॉकडाउन 17 मई को समाप्त होने वाला है। कोरोनो वायरस को फैलने से रोकने के लिए यह लगाया गया था।

अगर देश में चुनाव होता तो, आज ही घर से दूर और मजबूर लोगों के मसीहा बन जाते नेताजी और उन्हें कैसे भी करके घर बुलवा लेते नेता जी, लेकिन अब तो लापता है सांसद, विधायक, महापौर, पार्षद और भी अन्य जनप्रतिनिधि

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) मध्यप्रदेश। अगर आज देश में चुनाव का समय होता तो नेताजी हर हाल में मतदान के लिए अन्य राज्यों में फंसे मतदाताओं को कैसो न कैसे करके अपने-अपने घर आने की अनुमति दिलवा देते और उन्हें घर भी बुलवा लेते, इतना ही नहीं अपना निजी वाहन भी भेज कर इधर-उधर फंसे लोगों को अपने-अपने घर बुलवाने का काम भी करते, लेकिन क्या करें नेताजी बेचारे, क्योंकि वर्तमान में देश में कोई चुनाव नहीं है, कोरोना का संकटकाल चल रहा है, जिससे नेताजी भी बचना चाहते हैं और अपने-अपने कार्यकर्ताओं को भी बचाना चाहते हैं।
तभी तो देखो आज देश के अन्य राज्यों में कौने-कौने में हर एक नागरिक इधर-उधर फंसा हुआ है, जो कभी सरकारी कार्यालयों में जाकर अपने प्रियजनों को वापस बुलाने के लिए फरियाद लगा रहा है तो कभी जनप्रतिनिधियों के पास जाकर मदद की गुहार लगा रहा है, लेकिन परेशान व मजबूर नागरिकों की कोई भी नहीं सुन रहा है। जिनको नेताजी का यह जबाव जरूर मिल रहा है कि आखिर ऐसे संकटकाल में वह बाहर से फंसे उनके प्रियजनों को कैसे बुलाएं, क्योंकि जो कुछ भी है वह प्रशासन के हाथों में है, उनके हाथों में कुछ भी नहीं है। ऐसा कहकर मजबूर नागरिकों को जनप्रतिनिधियों की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है और न ही कोई जनप्रतिनिधि नागरिकों की मदद करने के लिए आगे आ रहा है, कि कोई आगे आकर यह कह दे कि वह उनके प्रियजनों को जो बाहर किसी भी कारणवश फंसे हुए हैं उनकी व्यवस्था करवाएगा या फिर नागरिक के स्वयं के वाहन से जाने के लिए पास आदि की व्यवस्था करवाएगा, ऐसा किसी भी जनप्रतिनिधियों के द्वारा नहीं किया जा रहा है।

एक नजर इसमें भी जरूर डालिए:-
वहीं रही बात ई-पास की तो ई-पास की भी व्यवस्था पहचान वालों तक ही सीमित रह गई है, जिसकी प्रशासनिक पकड़ अच्छी है, वहीं ई-पास हासिल करके अपने प्रियजनों को अन्य राज्यों से अपने-अपने घर लेकर आ रहा है, बाक तो बेचारे आम नागरिक कल भी मतदान होगा तो लाईन में खड़े होकर नेताजी को विजय दिलाते हुए दिखाई देंगे और आज भी कोरोना के संकटकाल में फंसे होने पर भी पास की व्यवस्था के लिए कतार में लगे हुए दिखाई देंगे। समय कैसा भी हो पिसता तो बेचारा आम नागरिक ही है। हा पर एक्का-दुक्का नेताजी जरूर सेवा कार्य करते हुए दिख जाएंगे, क्योंकि उन्हें आगे चलकर उन जनता से कुछ हासिल हो सके।

विधायक को मिल रही जान से मारने की धमकी, संभागायुक्त के नाम सौपा ज्ञापन

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। पनागर विधानसभा के विधायक इन्दु तिवारी को मिल रही धमकियों को लेकर मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना प्रकोष्ठ जिला जबलपुर मप्र के जिला सोशल मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा के नेतृत्व में संभागायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें उन्होंने यह मांग की है कि विधायक को मिल रही फोन पर धमकियों के आरोपियों को शीघ्र ही पकड़ा जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कोई आप्रिय घटना जाने-अनजाने में उनके साथ घटित न हो सके। इसके लिए उन्होंने शीघ्र ही उच्च स्तरीय जांच करवाते हुए दोषियों को पकडऩे की मांग की है। इस दौरान संदीप शर्मा, गिरीश गोटिया, आशीष तिवारी, अंबिका प्रकाश सोनी एवं शिव आदि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस अधीक्षक के सामने नेताओं ने तोड़ा फिजिकल डिस्टेंसिंग का नियम, अगर आम नागरिक होते तो हो जाती है कार्यवाही, तस्वीर खुद देखें

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ)मध्यप्रदेश/जबलपुर। देश ही नहीं बल्कि पूरा विश्व कोरोना के संकट काल से जूझ रहा है, इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा लॉक डाउन का सख्ती से पालन करने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं और देश की कोरोना जनता व अन्य सभी वर्ग से लॉक डाउन के नियमों का पालन करने की भी अपील की है, लेकिन प्रधानमंत्री की अपील को उनके ही भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के सामने लॉक डाउन व फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ाई है, ज्ञापन पत्र के दौरान सभी नेताओं को फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना चाहिए था, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं किया गया। जिसकी तस्वीर स्वयं इस बात को बया करती है।
अगर यही काम कोई आम नागरिकों या फिर अन्य किसी के द्वारा किया गया होता है तो तुरंत ही उनके विरुद्ध फिजिकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन न करने पर कार्यवाही हो जाती है, लेकिन सत्ताधारी पार्टी के नेताओं ने नियमों को ताक पर रखकर पुलिस अधीक्षक के सामने स्वयं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा और प्रशासन मौन रहा।

इस लिए गए थे पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन देने
————————–
भारतीय जनता पार्टी ग्रामीण द्वारा आज पुलिस अधीक्षक, कार्यालय पहुंचकर जबलपुर एसपी को एक ज्ञापन सौंपा गया। उक्त ज्ञापन में पनागर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक सुशील तिवारी इंदु को पिछले दिनों मोबाइल पर किसी अनजान व्यक्ति द्वारा जो धमकियां मिल रही है। उस संदर्भ में पुलिस प्रशासन से मांग की गई की इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई की जावे। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुभाष तिवारी ने चर्चा के दौरान कहा कि पनागर विधानसभा से विधायक इंदु तिवारी को फ ोन पर पिछले दिनों जो धमकियां मिली है। वह भी ऐसे वक्त पर जब कोरोना संक्रमण काल में एक जनप्रतिनिधि के रूप में श्री तिवारी निरंतर क्षेत्रीय जनता एवं समाज के हर वर्ग में प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे है। ऐसे में उनको फ ोन पर धमकियां मिलना बहुत ही गंभीर विषय है। जिस पर जल्द से जल्द कार्यवाही करते हुए। पुलिस प्रशासन को अपनी सायबर टीम को सक्रिय करते हुए धमकी देने वाले शख्स को गिरफ्तार कर, उचित कार्यवाही करनी चाहिये। इस संबंध का ज्ञापन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा को दिया गया। इस दौरान नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर, ग्रामीण अध्यक्ष सुभाष तिवारी, रानु, आशीष पटेल, आनंद साहु, गणेश पटेल, राजकुमार पटेल सहित युवा मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित थे।

जिसको जाना है या आना है अपने घर, जिले के कलेक्टर करें उनके पास जारी:मुख्यमंत्री

इंडिया 2डे न्यूज़ (आपके-साथ)मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य से बाहर जाने के इच्छुक व्यक्तियों को पास जारी करने के संबंध में जिलों को विस्तृत निर्देश भेजे जा रहे हैं। इसी तरह अन्य राज्यों से जो लोग मध्य प्रदेश लौटना चाहते हैं उन्हें भी आवश्यक सुविधाएं जिलों में प्रदान की जाए।बैठक में जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश के उज्जैन और अन्य स्थानों से लोग अपने राज्यों में रवाना हुए हैं । मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश से जाने के इच्छुक व्यक्तियों को एक साथ अनुमति न दें। भीड़ की स्थिति न बने।इसी तरह बाहर से आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग भी अवश्य की जाए। इस संबंध में प्रदेश के सभी कलेक्टर को निर्देश जारी किए गए हैं।

बसपा ने छत्रपति साहू कुर्मी महाराज को किया याद

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। बहुजन समाज पार्टी जबलपुर जिला ईकाई द्वारा 6 मई को पिछडे वर्गों को सबसे पहले आरक्षण देकर गैरबराबरी समाप्त कर आरक्षण की पहल करने वाले, छत्रपति साहू कुर्मी महाराज के परिनिर्वाण दिवस पर उनको याद किया। साहू महाराज का 6 मई 1922 को देहांत हो गया था, वे कोलहापुर राज्य के राजा के रूप जातिवाद के खिलाफ थे एवं शोषित पीडितों को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाना चाहते थे, इसकी शुरूआत भी उन्होंने अपने राज्य से की और भारी विरोध के बावजूद पिछडे वर्गों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, बाद में वे संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर की हमेशा मदद करते रहे, उन्होंने ही एक बडे सम्मेलन में पिछड़ी जातियां को कहा था कि डॉक्टर अंबेडकर के रूप में तुम्हें एक मसीहा मिल गया, वे अपने जीवित रहते तक गरीबों के उद्धार के लिए काम करते रहे। इस मौके पर जोन इंचार्ज बालकिशन चौधरी, जिला अध्यक्ष लखन अहिरवार, महासचिव राकेश समन्द्रे, सुभाष मरकाम, राकेश चौधरी, सतपाल सिंह, दिनेश कुशवाहा, ओम समद, चंदमणी वर्मा, मनोज पटेल, ईश्वरी बौद्ध आदि ने कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में घरों पर रहकर ही इनको नमन किया एवं इनसे प्रेरणा लेकर गरीब पिछड़े लोगों की मदद करते रहने की अपील की।

प्रधानमंत्री 27 अप्रैल को करेंगे कोरोना को लेकर चर्चा, अब देखो आगे क्या होगा

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ)देश-दुनिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक बार फिर से बातचीत करेंगे. देश में कोविड-19 के प्रसार के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह तीसरी वीडियो कॉन्फ्रेंस होगी. यह वार्ता कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में किस तरह से आगे बढ़ना है, इस पर केंद्रित होगी. सरकार के सूत्रों ने संकेत दिया कि महामारी से निपटने के तरीके पर चर्चा करने के अलावा, चर्चा लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने पर भी ध्यान केंद्रित हो सकती है जो तीन मई तक लागू है।

केंद्र और राज्य सरकारें आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और लोगों को राहत प्रदान करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों को क्रमिक छूट दे रही हैं. हालांकि कुछ राज्य लॉकडाउन को तीन मई के बाद भी जारी रखने के इच्छुक हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोरोना वायरस के मामले नियंत्रण में रहें।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ में कहा कि देश एक युद्ध में है. उन्होंने इस पर जोर दिया कि लोगों को सावधान रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है. पीएम मोदी द्वारा सावधानी बरतने पर जोर ऐसे समय दिया गया है जब केंद्र सरकार और राज्य आर्थिक गतिविधियों को फिर से बहाल करने के लिए लॉकडाउन मानदंडों में छूट दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, “मैं आपसे अति आत्मविश्वासी नहीं होने का आग्रह करता हूं. आपको अपने अति-उत्साह में यह नहीं सोचना चाहिए कि यदि कोरोना वायरस अभी तक आपके शहर, गांव, सड़क या कार्यालय तक नहीं पहुंचा है, तो यह अब नहीं पहुंचेगा. कभी भी ऐसी गलती न करें. दुनिया का अनुभव हमें इस संबंध में बहुत कुछ बताता है.” पीएम मोदी ने अपनी बात समझाने के लिए हिंदी के एक लोकप्रिय मुहावरे ‘सावधनी हटी, दुर्घटना घटी’ का जिक्र किया।

गौरतलब है कि केंद्र ने अब लॉकडाउन के दौरान शहरी क्षेत्रों में आवासीय परिसरों समेत मुहल्लों की दुकानों को खोलने की अनुमति दी है. हालांकि बाजारों में स्थित दुकानें तीन मई तक बंद रहेंगी. ग्रामीण क्षेत्रों में, शॉपिंग मॉल की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानों को खोलने की अनुमति है. शुक्रवार देर रात जारी एक आदेश में गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि मॉल अभी बंद रहेंगे, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार खुल सकते हैं।