रांझी की तरफ नगर-निगम का ध्यान नही, रांझी से बड़ा पत्थर, झंडा चौक तक गड्ढों पर सड़क

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके साथ) जबलपुर। रांझी से लेकर बड़ा पत्थर, झंडा चौक (प्रधानमंत्री आवास योजना) तक सारी सड़क को जिस रफ्तार की तरह खोदा गया यदि ठेकेदार द्वारा सड़क की मरम्मत उसी रफ्तार से करा दी जाती तो शायद रांझी की एक समस्या समाप्त हो जाती। लेकिन लगभग 1 वर्ष बीतने के बाद भी कोई प्रयास निगम के जिम्मेदारों द्वारा नही किया गया‌। सिर्फ गड्ढे भरने तक ही कार्य सीमित रखा गया जिसमें भी नगर निगम प्रशासन फेल होता दिखाई दिया।

रांझी बड़ा पत्थर सड़क गड्ढो व कीचड़ से सनी हुई

घनी आबादी वाला क्षेत्र रांझी साथ ही आवागमन का एक ही मुख्यमार्ग जिस पर राहगीरों का आना-जाना हो। उस पर भी जिम्मेदारों का ध्यान नही हैं। जिससे काफी असुविधा का सामना करना पड़ता हैं।

1 वर्ष पहले पाईप लाईन डालने खोदी थी सड़क

पिछले 1 वर्ष पहले पानी की पाईप लाईन डालने के लिए एक तरफ से प्रधानमंत्री आवास योजना मोहनिया झंडा चौक से शुरूआत कर बड़ा पत्थर फिर मोनी तिराहा तक सारी सड़क को खोद दिया गया‌। और अभी तक मरम्मत का कार्य भी नही कराया गया।

प्रतिदिन हो रहे हादसे, कलेक्टर से की उचित कार्रवाई की मांग

लोगों का कहना है कि जिस प्रकार से हादसे हो रहे है। एक दिन कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे पहले कोई बड़ा हादसा हो जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से सड़क का मरम्मत कार्य कराए। बड़ा पत्थर की सड़क मरम्मत का कार्य शीघ्र हो एसी कार्रवाई की मांग जबलपुर कलेक्टर व निगम प्रशासन से स्थानीयजनों ने की हैं।

 

फेसबुक व मैसेंजर चलाने वालों हो जाइएं सावधान,आपका दोस्त मैसेंजर के माध्यम नहीं बल्कि हैकर मांग रहा है पैसे, पढ़िए यह खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। अगर आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, खासकर फेसबुक और मैसेंजर का उपयोग करते हैं तो हो जाईए सावधान, आपका दोस्त आपसे मैसेंजर के माध्यम से आपसे पैसों की मांग करेगा और आपको इतना इमोशन कर देगा कि आप पैसे देने के लिए मजबूर हो जाएंगे। दरअसल मैसेंजर में मैसेज करके पैसे मांगने वाला आपका दोस्त नहीं बल्कि हैकर रहता है, जो आपके फेसबुक फ्रेंड को मैसेंजर में मैसेज करके पैसे मांगता है।
इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से पैसों की मांग करने का घटनाक्रम आए दिन सामने आ रहे हैं। जिसमें फेसबुक आईडी हैक होने का मामला भी प्रकाश में आ रहा है और इस प्रकार की घटनाएं होना इन दिनों आम बात हो गई। इसके लिए पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर कई तरह की सावधानियों को बरतने की सलाह दे रहा है।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान सावधानी बरतने की बातें:-
:- फेसबुक आईडी में प्राईवेसी रखना चाहिए।
:- पासवार्ड बहुत ही ज्यादा स्ट्रोंग होना चाहिए।
:- पासवार्ड आपका नाम, जन्मतिथि, मोबाईल नम्बर या फिर कोई आसान पासवर्ड न हो।
:- आपकी प्रोफाईल को केवल आपके मित्र ही देख सकें और अन्य कोई न देख पाए।

जो दोस्त मैसेंजर में पैसे मांग रहा है उसके बारे में पहले पता करें:-
सायबर के जानकारों ने बताया कि जो भी व्यक्ति या फिर आपका दोस्त फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से आपसे पैसे मांगता है तो सबसे पहले आपके दोस्त के द्वारा मैसेंजर में पैसे मांगे जाने की पुष्टि कीजिए। सायबर के जानकारों ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि मान लो राम और श्याम फेसबुक दोस्त हैं और राम से श्याम मैसेंजर के माध्यम से पैसे मांग रहा है, तो आप सबसे पहले श्याम को फोन करके या फिर उसके घर जाकर जब तक आपकी श्याम से बात या मुलाकात नहीं हो जाती है तब तक आप पैसे बिल्कुल भी ट्रांसफर न करें, क्योंकि मैसेंजर में कोई भी आपका दोस्त पैसे नहीं मांग सकता है और मांगेगा और उसको अति आवश्यकता होगी तो आज  के इस वैज्ञानिक युग में वह आपको कहीं से भी फोन करके बातचीत करेगा और अपनी परेशानी बताएगा, फिर वह आपसे पैसों की मांग करेगा, न कि मैसेंजर के माध्यम से।

शहर के अधिकांश थानों में है इस तरह की शिकायतें:-सोशल मीडिया में धोखाधड़ी के मामले आए दिन शहर के सभी थानों में पहुंच रहे हैं। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन इस तरह के जालसाजों से बचने के लिए नागरिकों को सावधानी पूर्वक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की समझाईश दी जा रही है। अभी तक इस तरह के मामले में पुलिस के हाथों कोई भी जालसाज पकड़ में नहीं आया है और पीडि़तों की शिकायतें लम्बित पड़ी हुई हैं।

हैकर बना लेते हैं आपकी सेम प्रोफाइल:
सायबर के जानकार बताते हैं हैकर सबसे पहले एक अच्छे और पहुंच वाले व्यक्ति की प्रोफाईल को सर्च करते हैं, फिर उसके द्वारा शेयर की जाने वाली फोटो को डाउनलोड कर पूरा डेटा तैयार करते हैं। जिसके बाद कुछ दिनों के लिए संबंधित व्यक्ति की फर्जी तैयार की गई प्रोफाईल का चलाते हैं और सबको दोस्त बनाकर चोरी की गई फोटो अपलोड करते है, जिससे फेसबुक मित्रों को यह लगता है कि यह प्रोफाईल संबंधित व्यक्ति की है, फिर उसके बाद वह फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से जालसाजी को अंजाम देते हैं।

इस प्रकार करते हैं इमोशन ब्लैकमेल:-
सायबर के जानकार बताते हैं कि फर्जी रूप से तैयार की गई फेसबुक प्रोफाईल या फिर हैक की गई प्रोफाईल के माध्यम से मैसेंजर में वह फेसबुक मित्रों को मैसेज करते हैं, फिर चेट करते हुए कहते हैं दोस्त में बाहर किसी काम से गया था और सबकुछ घर पर ही भूल आया हूं, क्या अभी हमारे इस नम्बर पर कुछ पैसे डाल दोगे, या फिर कहते हैं कि हमारी बहन, मां, पिता, बच्चे, पत्नि आदि की तबियत ज्यादा खराब है और हमें अभी तुंरत में ही पैसों की जरूरत है और मोबाईल नम्बर बात भी नहीं हो पाएगी, इसलिए यह परिचित वालों का एक नम्बर है, इस पर पैसे फोन पे, गूगल पे या फिर पेटीएम कर दो। इस प्रकार से इमोशनल ब्लैकमेल कर जालसाज पैसे मांगते हैं।

सायबर क्राईम से संबंधित शिकायतें इन नम्बरों पर करें:-
राज्य सायबर पुलिस जोन जबलपुर मप्र डीआईज कार्यालय परिसर शक्ति भवन रोड़ रामपुर जबलपुर में पहुंचकर पीडि़त शिकायत दर्ज करा सकते हैं या फिर वाट्सएप नम्बर 758764835, फोन नम्बर 0761-2676711, सायबर निरीक्षक 7587646809 या फिर पुलिस अधीक्षक 7049157277 पर संपर्क कर सकते हैं।

रविवार आने वाला है, इसलिए यह जिला प्रशासन का आदेश आ गया है, आप भी पढ़ लीजिए आखिर क्या करना है इस रविवार

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री भरत यादव ने कोरोना वायरस संक्रमण की वर्तमान परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए 28 जून रविवार को अनलॉक-1 के तहत दी गई छूट में एक दिवस का विराम देने संबंधी एक ओदश आज जारी किया है।

आदेश के मुताबिक जबलपुर जिले की नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में अति आवश्यक वस्तुएं तथा दूध, मेडीकल स्टोर, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आदि की दुकानें खुली रहेंगी तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की होम डिलेवरी की व्यवस्था यथावत रहेगी। लेकिन इस दिन जनरल स्टोर्स, फल, सब्जी आदि की दुकानें एवं निजी कार्यालय बंद रहेंगे। पूर्व से नियत शादी समारोह को इस प्रतिबंध से छूट रहेगी। केवल 50 व्यक्ति (वर-वधु सहित) शादी में शामिल हो सकेंगे।

जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रविवार को दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों का संचालन पूर्णत: बंद रहेगा। किन्तु इस विराम से अति आवश्यक सेवा वाले वाहन जैसे नगर निगम, पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, विद्युत, दूर संचार, नगर सैनिक, आपदा प्रबंधन, पेयजल, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि साथ ही इमरजेंसी डियूटी वाले शासकीय कर्मचारी केवल ड्यूटी के प्रयोजन से मुक्त रहेंगे। इन कर्मचारियों को अपने साथ परिचय पत्र (आई कार्ड) रखना अनिवार्य होगा। हेल्थ इमरजेंसी की स्थिति में उपयोग किये जाने वाले निजी वाहनों को एवं ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशन तक और रेलवे स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचने वाले निजी वाहन, आटो रिक्शा, टैक्सी को छूट रहेगी। यात्रियों की टिकट ही पास के रूप में मान्य रहेगी।

जिला दंडाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जायेगी। आदेश 28 जून को प्रभावशील होगा तथा 29 जून को पूर्व की भांति गतिविधियां पुन: संचालित होगी।

एक जुलाई से संचालित होगा “किल कोरोना अभियान, पढि़ए यह खबर, आखिर क्या है किल अभियान

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक जुलाई से किल कोरोना अभियान चलाया जाएगा। भोपाल से अभियान की शुरुआत की जाएगी। प्रदेश के सभी जिलों में वायरस नियंत्रण और स्वास्थ्य जागरूकता के इस महत्वपूर्ण अभियान में सरकार और समाज साथ-साथ कार्य करेंगे। किल कोरोना अभियान प्रत्येक परिवार को कवर करेगा। इसके लिए दल गठित किए जा रहे हैं। कोविड मित्र भी बनाये जायेंगे, जो स्वैच्छिक रूप से इस अभियान के लिये कार्य करेंगे।  मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज कमिश्नर-कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए कि वे इस अभियान के लिए आवश्यक तैयारियाँ अभी से प्रारंभ कर दें। देश के इस अनूठे और बड़े अभियान के संचालन से अन्य प्रदेशों तक भी एक सार्थक संदेश पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिए कि जिलों और संभागों में आईजी और कमिश्नर्स भी कोरोना नियंत्रण पर निगाह रखें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के करीब 14 हजार महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर सर्वे कार्य की अहम जिम्मेदारी रहेगी। कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री मोहम्मद सुलेमान, प्रमुख सचिव श्री फैज अहमद किदवई, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री मनीष रस्तोगी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डोरटूडोर सर्वे में सभी का सहयोग प्राप्त करें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को कोरोना के नियंत्रण में अन्य राज्यों की तुलना में सफलता भी मिली है। लेकिन सजगता का स्तर बना रहे और सभी आवश्यक उपायों को अपनाते रहें, यह बहुत आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस को समाप्त कर ही हमें चैन की साँस लेना है। प्रदेश में अब डोर-टू-डोर विस्तृत सर्वे के माध्यम से संदिग्ध रोगी की शीघ्र पहचान और उपचार का कार्य अधिक आसान हो जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिलों में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के सदस्यों के साथ ही सभी का सहयोग लेते हुए अभियान को गति दी जाए। वायरस के पूर्ण नियंत्रण की रणनीति के साथ कार्य करना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्रोथ रेट और एक्टिव प्रकरणों की संख्या कम है। मध्यप्रदेश 76.1 प्रतिशत रिकवरी रेट के साथ देश में दूसरे क्रम पर है। वायरस के इस स्प्रेड को रोकने में कामयाबी मिली है।

आमजन भी बने सहयोगी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आमजन से भी अपील की है कि “किल कोरोना अभियान” में अपना सहयोग प्रदान करें। घर-घर पहुंच रहे सर्वे दल को आवश्यक जानकारी देकर सहयोग करें। इस सर्वे में महिला और पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहेंगे। सर्दी-खांसी जुकाम के साथ ही डेंगू, मलेरिया, डायरिया आदि के लक्षण पाये जाने पर भी जरूरी परामर्श और उपचार नागरिकों को मिल सकेगा। सार्थक एप का उपयोग कर इन जानकारियों की प्रविष्टि की जाएगी। कुल दस हजार दल कार्य करेंगे। सर्वे दल अनुमानित दस लाख घरों में रोज जाएंगे।  एक दल करीब 100 घरों तक पहुंचेगा। राज्य की शत-प्रतिशत आबादी को इस सर्वे से कवर किया जाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा देने का कार्य भी साथ-साथ चलेगा। विभिन्न तरह की प्रचार सामग्री और प्रत्यक्ष सम्पर्क कर नागरिकों को सर्वे दल के आने की सूचना देने का कार्य एडवांस टीम द्वारा किया जाएगा। इन कार्यों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए नागरिकों से सहयोग प्राप्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की है 210 घंटे मीटिंग और वी.सी.

कान्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 23 मार्च, मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण से लेकर 22 जून तक कुल 210 घंटे बैठकों और वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश में कोरोना नियंत्रण की निरंतर समीक्षा की है। इस सतत् अनुश्रवण से प्रत्येक जिले की एक-एक गतिविधि की जानकारी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्राप्त की। जिन जिलों में पॉजीटिव रोगी अपेक्षाकृत अधिक पाये गए, उनके बारे में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रत्यक्ष समीक्षा भी की।

ग्वालियर में रोग नियंत्रण प्रयासों की प्रशंसा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंस में ग्वालियर जिले में कोरोना वायरस के नियंत्रण के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कलेक्टर को बधाई दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर इस क्षेत्र में अच्छे कार्य का एक उदाहरण बना है। उन्होंने अन्य जिलों में भी निरंतर पूरी ऊर्जा से वायरस नियंत्रण के साथ-साथ टेस्टिंग सुविधा, उपचार, सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि कोरोना के टेस्ट की रिपोर्ट और कम समय में आ जाये, ऐसे प्रयास किये जायें। इससे पॉजीटिव पाये गये रोगी के शीघ्र और पूर्ण सफल उपचार में आसानी होगी।

3 लाख को दी गई विशेष ट्रेनिंग

प्रदेश में करीब 3 लाख लोगों को कोविड-19 के दृष्टिगत जांच, उपचार, क्वांरेंटाइन, सर्वेलांस, संक्रमित क्षेत्र के लिए आवश्यक सावधानियाँ बरतने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षित लोगों में चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि शामिल हैं। कोविड से संबंधित कार्यों की इस ट्रेनिंग में आशा वर्कर्स और वालंटियर्स भी शामिल हैं।

नौ हजार की क्षमता हो गई प्रतिदिन

बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश में देश के अन्य राज्यों की तुलना में  बेहतर नियंत्रित किया गया है। इस समय नौ हजार की क्षमता हो गई है। प्रतिदिन बढ़ती जाँच क्षमता के कारण पॉजीटिव रोगियों के सामने आने और उन्हें उपचार के बाद स्वस्थ करने के कार्य में आसानी हुई है। इसलिए मध्यप्रदेश रिकवरी रेट में काफी आगे है। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ने जानकारी दी कि प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों के नए उपकरणों के स्थापित होने से शीघ्र ही 16 हजार से अधिक टेस्टिंग की सुविधा विकसित हो जाएगी।

प्रदेश में किए गए प्रबंध आवश्यकता से काफी अधिक

कोरोना पॉजीटिव रोगियों को कोविड केयर सेंटर में दाखिल करने के लिए प्रदेश में जो उपलब्ध बिस्तर क्षमता है उसका 20 प्रतिशत ही उपयोग किया जा रहा है। आज की कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में कुल 24 हजार 235 जनरल बेड, 8 हजार 924 ऑक्सीजन बेड और एक हजार 105 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध हैं। शासकीय और निजी अस्पतालों में प्रदेश में वायरस के प्रसार की आशंका के कारण यह क्षमता विकसित की गई। इसका एक चौथाई से कम ही उपयोग में आ रहा है। प्रदेश के जिला अस्पतालों में जुलाई माह के अंत तक कुल 956 आई.सी.यू. बेड उपलब्ध रहेंगे। इसी तरह मेडिकल कॉलेज में इनकी संख्या 777 हो जायेगी। जिला और मेडिकल कॉलेज में मिलाकर अगले माह के अंत तक करीब 12 हजार ऑक्सीजन बेड उपलब्ध होंगे। प्रदेश में तीन माह में मिले करीब 12 हजार पॉजीटिव प्रकरणों में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का कार्य भी पूर्ण हो गया है। यह इंदौर और ग्वालियर में 99 और 98 प्रतिशत तथा भोपाल, उज्जैन और बुरहानपुर में 100 प्रतिशत है। प्रदेश में 22 जून की ‍स्थिति में 912 फीवर क्लीनिक कार्य कर रही हैं। इन क्लीनिक्स में आये रोगियों में से 77 प्रतिशत रोगियों को घर में आयसोलेट रहने का परामर्श दिया गया। प्रदेश में औसतन प्रति क्लीनिक 3019 रोगी पहुंचे हैं। इनमें सर्वाधिक भोपाल के नागरिक जागरूक हैं, जो प्रति क्लीनिक औसतन 304 की संख्या में जाकर परामर्श प्राप्त कर चुके हैं।

प्रदेश का ग्रोथ रेट सबसे कम

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि प्रदेश की ग्रोथ रेट 1.43 है। यह सभी राज्यों से बेहतर है। वैसे तो  प्रदेश में गत 5 सप्ताह से वायरस के नियंत्रण में तेजी आयी है, लेकिन निरंतर प्रत्येक स्तर पर किये गये प्रयासों से प्रदेश की स्थिति बेहतर बन सकी है। देश की आबादी में कभी मध्यप्रदेश के 6 प्रतिशत रोगी होते थे जो आज मात्र 1.3 प्रतिशत ही हैं। इंदौर नगर से देश के कुल कोविड रोगियों में 6.3 प्रतिशत शामिल थे, जो अब मात्र 01 प्रतिशत हैं। भोपाल और उज्जैन नगरों में भी नियंत्रण के प्रयास काफी सफल हुए हैं। एक्टिव प्रकरणों में जहाँ भारत का प्रतिशत 40 है वहीं मध्यप्रदेश में सिर्फ 19 प्रतिशत एक्टिव प्रकरण ही शेष हैं। इसका अर्थ है वायरस की तीव्रता भी कम हो रही है और मध्यप्रदेश संक्रमण का प्रकोप रोकने में अधिक सफल है। प्रदेश के 33 जिलों में 10 से कम एक्टिव केस हैं।

समुदाय आधारित प्रयासों पर होगा अमल

कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक सुश्री छवि भारद्वाज ने प्रजेंटेंशन में बताया कि सार्थक एप की उपयोगिता बढ़ रही है। प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य सर्वे में यह एप महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। कोविड मित्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। समुदाय आधारित प्रयासों से सर्विलेंस आसान होगा। जिला प्रशासन ऐसे स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड मित्र का दायित्व दे सकता है, जो 45 वर्ष की आयु से कम हों। इस कार्य में स्वैच्छिक संगठन भी जुड़ेंगे।

 

राहत की खबर: मध्यप्रदेश के नागरिकों को नहीं देना पड़ेगा पूरा बिजली का बिल, जारी हुआ निर्देश, पढि़ए यह खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर से प्रदेश की जनता को बड़ी राहत दी है| मध्‍य प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्‍ताओं का बड़ी राहत देते हुए बिजली बिलों को आधा करने का निर्देश दिया है| मुख्यमंत्री ने इसका एलान करते हुए कहा कि घर पर रहने से लोगों के बिजली के बिल बड़े-बड़े आए हैं। जिनका अप्रैल महीने में 100 रु. आया है उनसे मई, जून, जुलाई में 50 रु. बिल लिया जाए। इससे 56 लाख उपभोक्ताओं को 255 करोड़ का लाभ होगा जो हम सरकारी खजाने से बिजली विभाग को देंगे। मुख्यमंत्री मंत्रालय में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर रहे थे।

सीएम ने कहा कि 100-400रुपये बिजली बिल वालों को सिर्फ 100 और 400 से अधिक बिल वालों को केवल आधा बिल देना होगा। इससे उपभोक्ताओं को 183 करोड़ रुपये का फायदा होगा जिसका वहन सरकार करेगी।

बिजली उपभोक्ताओं को मिली यह राहत

  • जो उपभोक्ता संबल योजना में शामिल हैं एवं उनके बिल अधिकतम 100 रुपए तक आए हैं, उन उपभोक्ताओं को अप्रैल, मई एवं जून माह में रुपए 100 तक बिल आने पर मात्र रुपए 50 का बिल देना होगा|
  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता, जिनके बिजली के बिल माह अप्रैल में रुपए 100 तक आये थे किन्तु मई, जून और जुलाई माह में रुपए 100 से अधिक परंतु रुपए 400 से कम आए हैं या आएंगे, तो उनसे मई, जून और जुलाई माह के बिल की राशि के स्‍थान पर सिर्फ रुपए 100 प्रतिमाह लिया जाएगा|
  • ऐसे घरेलू उपभोक्ता जिनके बिजली के बिल अप्रैल में रुपए 100 से अधिक परन्‍तु रुपए 400 या उससे कम आए थे, उनके मई, जून और जुलाई माह में देयक राशि रुपए 400 से ज्‍यादा आने पर मात्र 50 प्रतिशत भुगतान लिया जाएगा। शेष बिल की राशि की जाँच के उपरांत निर्णय लिया जाएगा|
  • उपभोक्ताओं द्वारा अप्रैल और मई माह के बिलों का भुगतान नियत तिथि तक करने पर उन्हें एक प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि निम्न दाब उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम 10 हजार रूपये एवं उच्च दाब उपभोक्ताओं के लिए अधिकतम एक लाख रूपये होगी|

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमनलाथ पहले भी दो बार सीएम शिवराज सिंह चौहान से पत्र लिखकर कोरोना काल में तीन माह के बिजली बिल माफ करने की मांग कर चुके हैं. उन्होंने अब सोशल मीडिया के माध्यम से इस मांग को दोहराया था| उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार लॉकडाउन की अवधि के सभी उपभोक्ताओं के तीन माह के बिजली बिल माफ करे|

10वीं एवं 12वीं के परिणाम कब होंगे घोषित, पढ़िए यह खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश।प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं सम्पन्न हो चुकी है, 10वीं के परिणाम जुलाई के प्रथम सप्ताह में तथा 12वीं के परिणाम जुलाई के तृतीय सप्ताह में अपेक्षित है। प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि में रेडियो, टी.वी. एवं मोबाइल के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हैं।

स्नातक प्रथम, द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षाथियों को अगली कक्षा में दिया जाएगा प्रवेश, मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के हित में लिया बड़ा निर्णय

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। कोरोना संकट के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। अब स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को, बिना परीक्षा दिए, उनके गत वर्ष/सेमेस्टर के अंकों/आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगली कक्षा/सेमेस्टर में प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही स्नातक अंतिम वर्ष एवं स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के पूर्व वर्षों/ सेमेस्टर्स में से सर्वाधिक अंक प्राप्त परीक्षा परिणाम को प्राप्तांक मानकर अंतिम वर्ष/सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम घोषित किये जाएंगे। ऐसे परीक्षार्थी जो परीक्षा देकर अपने अंकों में सुधार चाहते हैं, उनके पास परीक्षा देने का विकल्प भी रहेगा। वे आगामी घोषित तिथि पर ऑफलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में कोरोना के परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं के संचालन तथा शालाओं को प्रांरभ करने के संबंध में आयोजित बैठक ले रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा श्रीमती रश्मि अरूण शमी आदि उपस्थित थे।

शालाएं खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा उपरांत निर्णय

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में शालाओं को खोलने के संबंध में 31 जुलाई को समीक्षा कर निर्णय लिया जाएगा। 12वीं कक्षा के ऐसे विद्यार्थी जो किसी कारणवश 12वीं की परीक्षा नहीं दे पाए हैं उनके लिए एक बार फिर परीक्षा आयोजित होगी। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि अगले हफ्ते से बच्चों को किताबों का वितरण कराने की व्यवस्था की जा रही है।

प्रदेश में स्नातक, स्नातकोत्तर के 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी

प्रदेश में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर कुल 17 लाख 77 हजार परीक्षार्थी हैं। इनमें स्नातक प्रथम वर्ष में 5 लाख 25 हजार 200, स्नातक द्वितीय वर्ष में 5 लाख 7 हजार 269, स्नातक तृतीय वर्ष में 4 लाख 30 हजार 298, स्नातकोत्तर द्वितीय सेमेस्टर में 01 लाख 72 हजार 634, स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर में 01 लाख 41 हजार 599 परीक्षार्थी हैं। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की कुल संख्या 03 लाख 47 हजार 554, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में 2 लाख 63 हजार 05, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन में 01 लाख 83 हजार 37, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में 2 लाख 25 हजार 197, महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर में 01 लाख 52 हजार 230, देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में 3 लाख 55 हजार 379, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा में 01 लाख 97 हजार 901 तथा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय में 54 हजार 697 विद्यार्थी हैं।

अगर आप कहेंगे तो खुलेंगे समस्त शैक्षणिक संस्थाएं, अगर आप न कहेंगे तो नहीं खुलेंगी शैक्षणिक संस्थाएं

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) मध्यप्रदेश।कोविड-19 के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार समस्त शैक्षणिक संस्थाओं को मार्च 2020 से बंद कर दिया गया था। इस महामारी के नियंत्रण के पश्चात् शैक्षणिक संस्थाएँ पुन: प्रारंभ करने पर विचार किया जा रहा है।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शाला प्रारंभ करने के लिये आमजन से सुझाव आमंत्रित किये गये हैं। सुझाव के लिये शिक्षा विभाग के एजुकेशन पोर्टल पर http://educationportal.mp.gov.in/feedback/public/RegisterUser.aspx लिंक पर सत्र 2020-21 में शाला प्रारंभ करने के संबंध में जनसमुदाय (विद्यार्थी, अभिभावक, स्कूल प्रबंधन, एनजीओ, शिक्षाविद) अपने सुझाव दे सकते हैं।

सुझाव देने के लिये अपना मोबाइल नम्बर फीड करना होगा। फीड किये गये मोबाइल नम्बर पर ओटीपी के वेरिफिकेशन होने पर व्यक्ति अपने सुझाव दे सकते हैं। एक मोबाइल नम्बर से एक ही बार सुझाव दर्ज किया जा सकेगा।

ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर लगी रोक, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश। राज्य शासन ने ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की समय अवधि निर्धारित करते हुए प्री-प्रायमरी और प्राथमिक कक्षाओं के ऑनलाइन संचालन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया है। राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश अनुसार कक्षा 6 से 8 तक ही ऑनलाइन कक्षाएँ प्रतिदिन 2 सत्र में अधिकतम 30 से 45 मिनट प्रति सत्र ही आयोजित की जा सकेंगी।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कई परिवार/छात्र-छात्राओं के पास डिजिटल डिवाइस अथवा डेटा रिचार्ज की समस्या भी परिलक्षित हो रही है। कतिपय स्रोतों द्वारा यह भी संज्ञान में लाया गया है कि कुछ निजी शालाओं द्वारा अनियंत्रित एवं लंबी अवधि की ऑनलाइन कक्षाएँ संचालित की जा रही हैं। दूरस्थ शिक्षा, विशेषकर मोबाइल/लैपटॉप/कम्प्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाओं से कम आयु वर्ग के बच्चों में संभावित दुष्प्रभाव तथा उनके अभिभावकों के लिये उत्पन्न हो रही कठिनाइयों के दृष्टिगत नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियम में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए विद्यार्थी की समग्र गुणवत्ता के उद्देश्य से ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन की अवधि निर्धारित की गई है।

ऑनलाइन कक्षाओं की रिकार्डिंग भी विद्यार्थियों के लिये उपलब्ध कराई जायेगी, जिससे विद्यार्थी तथा अभिभावक उसे अपनी सुविधानुसार उपयोग कर सकें। एनसीईआरटी द्वारा तैयार किये गये दिशा-निर्देश ‘सेफ ऑनलाइन लर्निंग इन टाइम्स ऑफ कोविड-19” का पालन सुनिश्चित करने के लिये भी कहा गया है।

अगर आपको आधार कार्ड बनवाना है या फिर आधार कार्ड से संबंधित कोई भी काम है तो आपके क्षेत्र में ही होंगे सभी कार्य, पढ़िए यह खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। अगर आपके पास आधार कार्ड है और उसमें कोई तकनीकी कमियां है या फिर आपका आधार कार्ड बना ही नहीं है तो यह आपके लिए अच्छी खबर है, इसके लिए आप अपने नजदीकी आधार केन्द्र में संपर्क करके अपना आधार कार्ड सुधरवा सकते हैं या फिर आधार कार्ड बनवा सकते हैं।
इस संबंध में प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार शहर और जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जबलपुर स्थित सभी 54 आधार केंद्रों में आधार पंजीयन का कार्य शुरू किया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से आधार पंजीयन अथवा आधार पंजीयन से संबंधित अन्य कार्य अपने समीप स्थित आधार केन्द्र पर जाकर कराने का आग्रह किया है ।

नागरिक की परेशानियों को दूर करने लिया निर्णय
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जिला ई.गवर्नेस समिति के प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में जबलपुर शहर में करीब 28 तथा ग्रामीण क्षेत्र में भी लगभग इतने ही आधार पंजीयन केन्द्र में सेवा प्रारंभ कर दी गई है। जहां आम नागरिकों के आधार से जुड़े सभी प्रकार के कार्य किये जा रहे है। नागरिक अपने ही क्षेत्र के केन्द्रों में पहुंचकर अपना आधार से संबंधित सभी प्रकार के कार्य करवा सकते हैं।

फिलहाल कलेक्ट्रेट में नहीं होगा कार्य
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ई.गवर्नेस समिति के जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार 17 जून से कलेक्ट्रेट कार्यालय स्थित आधार पंजीयन केन्द्र को तकनीकी वजहों के कारण बंद किया जा रहा है, अब आगामी आदेश तक कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित आधार कार्ड से संबंधित कार्य नहीं हो सकेगा।