त्रिपुर सुंदरी माता मंदिर परिसर में लगी भीषण आग, कई दुकानें जलकर हुई खाक, लाखों का समान भी जला

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/जबलपुर। भेड़ाघाट मार्ग तेवर में स्थित प्राचीनकालीन माता त्रिपुर सुंदरी के मंदिर परिसर में लगी एक दर्जन से अधिक दुकानों में देर रात्रि आग लग गई। जिससे दुकानों में रखा लाखों रुपये का समान जलकर खाक हो गया। घटना की जानकारी जैसे ही दमकल विभाग को दी गई तो उन्होंने ने तत्काल में ही घटना स्थल में पहुंच कर आग को बुझाने का अथक प्रयास किया।

दुकानों में आग लगने की सूचना मिलते ही दुकान मालिक और पुजारी भी देर रात को मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत ही इसकी सूचना दमकल विभाग को दी, जिसके बाद भेड़ाघाट नगर पंचायत और जबलपुर नगर निगम के दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आग इतनी भीषण थी कि फायर ब्रिगेड कर्मचारियों को इस पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करना पड़ी, बताया गया है कि दुकानों के पीछे लगी झाड़ियों में किसी ने आग लगाई थी, जो बढ़ते-बढ़ते दुकानों तक पहुंच गई। जिससे इतना भयानक हादसा हो गया।

नहीं रहे गृहस्थ संत दद्दा जी, भक्तों में शोक की लहर, लम्बे समय से थे बीमार

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ कटनी। गृहस्थ संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री का रविवार की शाम निधन हो गया है। देर शाम दद्दा जी ने अंतिम सांस ली। समूचे देश मे आध्यात्मिक पताका फहराने वाले मानस मर्मज्ञ गृहस्थ संत पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दद्दाजी जी ने आज रात्रि लगभग 8 बजकर 35 मिनट पर देह त्याग दी।

उनके देवलोक गमन की सूचना मिलते ही देशभर में मौजूद उनके लाखों शिष्यों में गहन शोक व्याप्त हो गया। दद्दाधाम में आज सुबह दूर दूर से उनके शिष्यों का आना जारी रहा। अनेक विशिष्ट हस्तियों ने कटनी पहुंचकर उनके दर्शन किये।

पूज्य दद्दाजी का स्वास्थ्य कुछ दिनों से खराब चल रहा था। फेफड़ों और किडनी में इंफेक्शन की वजह से उन्हें दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल ले जाया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने काफी इलाज के बाद सुधार न होता देख उन्हें घर ले जाने की सलाह दे दी थी। कल रात ही एयर एम्बुलेंस से उन्हें जबलपुर होते हुए कटनी लाया गया था। जीवन रक्षक प्रणाली के बीच कटनी स्थित दद्दाधाम में भी विशेषज्ञों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई थी।

दोपहर में उनका डायलिसिस भी किया गया। उनके स्वास्थ में सुधार की कुछ उम्मीद जागी लेकिन रात्रि साढ़े 8 बजे के आसपास पूज्यपाद दद्दाजी ने अंततः देह त्यागकर देवलोक गमन किया।

विश्व कल्याण की कामना के साथ पूज्य दद्दा जी ने शिवलिंग निर्माण के 129 महायज्ञ सम्पन्न कराए। इसके अलावा 50 से ज्यादा अन्य यज्ञों और श्रीमद्भागवत के आयोजनो से उन्होंने समूचे देश मे धर्म की ज्योति प्रज्ज्वलित की। एक जानकारी के मुताबिक दद्दाजी जी के 18 लाख से ज्यादा दीक्षित शिष्य तथा बड़ी संख्या में देशभर में उनके अनुयायी हैं। शिष्यों में राजनेता, फ़िल्म अभिनेता, पत्रकार, उद्योगपति, समाजसेवी तथा सभी वर्गों के लोग शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि दद्दा जी की किडनी एवं लिवर दोनों पूरी तरीके से काम नहीं कर रहे थे और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। पूर्व मंत्री और दद्दा जी के परम शिष्य संजय पाठक ने ट्वीट कर इस दुखद खबर की पुष्टि की । इलाज के दौरान ह्रदय गति रुकने के कारण उनका निधन हो गया। भक्तों में शोक की लहर व्याप्त है।

आयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ शुरु, लॉक के नियमों का होगा पालन, मिली अनुमति 

आयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ शुरु, लॉक के नियमों का होगा पालन, मिली अनुमति

इंडिया 2डे न्यूज़ (आपके-साथ) देश-दुनिया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान निमार्ण गतिविधि फिर से शुरू करने की अनुमति देने के साथ ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण स्थल को साफ करने का काम भी फिर से शुरू कर दिया गया है। अस्थायी मंदिर और स्थल पर सीआरपीएफ कैंप के आसपास लगाए गए मेटल बैरिकेड को गुरुवार को हटा दिया गया और स्थल को समतल करने का काम शुरू हो गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की एक स्थानीय टीम लार्सन एंड टुब्रो के इंजीनियरों के साथ समन्वय के साथ काम कर रही है जो मंदिर निमार्ण की निगरानी करेंगे।

मंदिर निर्माण की देखरेख करने वाले श्री राम तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने कहा कि चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान राम की मूर्ति को उसके नए निवास स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है और अब मंदिर निमार्ण स्थल पर बैरिकेड हटाकर और जमीन को समतल करके साफ किया जा रहा है। मिट्टी की शक्ति का परीक्षण करने के लिए मिट्टी का परीक्षण भी किया जाएगा। ट्रस्ट के सदस्य वीडियो कॉल के माध्यम से बैठकें कर रहे हैं और काम की प्रगति के बारे में अपडेट ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम कचहरी मंदिर में ट्रस्ट का कायार्लय भी जल्द ही पूरा हो जाएगा और लॉकडाउन हटते ही ट्रस्ट वहां से काम करना शुरू कर देगा।

महाभारत’ ने मचाई धूम, इस चैनल पर भी होगा इसका प्रसारण

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया।  डीडी भारती पर फिर से ‘महाभारत’ टेलिकास्ट हो रहा है और इसे दर्शकों से काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। बी आर चोपड़ा की ‘महाभारत’ ने उस दौर में एक खास पहचान बनाई थी। पहले एपिसोड से लेकर अंतिम एपिसोड तक इसने दर्शकों को जोड़े रखा था। उन्हें बांधे रखा था। हर सीन इतना प्रभावशाली था कि दर्शक सारा काम खत्म कर टीवी के आगे ‘महाभारत’ देखने के लिए बैठ जाया करते थे। अब फैन्स के लिए एक और खुशखबरी आई है। वह ये कि ‘महाभारत’ को कलर्स टीवी पर दोबारा प्रसारित किया जाएगा।

जहां ‘रामायण’ टीआरपी के रिकॉर्ड तोड़ रही है तो वहीं ‘महाभारत’ भी पीछे नहीं है। ‘रामायण’ की तरह ‘महाभारत’ की भी पब्लिक डिमांड जारी है। फिल्मीबीट के मुताबिक बी आर चोपड़ा की ‘महाभारत’ को अब कलर्स टीवी पर दोबारा प्रसारित किया जाएगा। यह 4 मई से शाम के समय शुरू होगी।

आपको बता दें कि सीरियल में श्रीकृष्ण, पांडव, द्रौपदी, भीष्म पितामह, शकुनि, कौरव सभी किरदार पर्दे पर एक युद्ध के मैदान में नजर आए थे। लेकिन वास्तव में यह सभी काफी अच्छे दोस्त थे। और सेट पर आखिरी दिन सभी एक्टर्स एक-दूसरे के गले लगकर रोए थे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें ‘महाभारत’ की शूट‍िंग लोकेशन पर सभी एक्टर्स रोते नजर आ रहे थे। पर्दे पर वे एक-दूसरे के प्रति चाहे कितनी ही नफरत दिखा लें, लेकिन असल में उनके बीच अच्छी दोस्ती हो चुकी थी।

एक बार फिर से शुरू होगा रामायण सीरियल, अब इस चैनल में देख सकेंगे दर्शक

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। रामानंद सागर के धार्मिक सीरियल ‘रामायण’ को कोरोना वायरस के बीच लॉकडाउन में दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारित किया गया था। पहले के दौर में दर्शकों से जिस तरह इसे प्यार मिला था, उससे भी अधिक प्यार इस बार देखने को मिला। इस सीरियल में अरुण गोविल ने ‘राम’, दीपिका चिखलिया ने ‘सीता’ और सुनील लहरी ने ‘लक्ष्मण’ का किरदार निभाया था। सभी एक्टर्स ने फैन्स के बीच अपनी खास पहचान बनाई।  अब फैन्स के लिए एक और खुशखबरी आ रही है। वह ये कि टेलीचक्कर की खबर के मुताबिक, ‘रामायण’ को स्टार प्लस पर फिर से प्रसारित किया जाएगा। यह 4 मई से शुरू होगी। रात 9.30 पर शो ऑन एयर होगा। बता दें कि ‘रामायण’ टीआरपी में पहले नंबर पर है।  कुछ समय पहले खबर आई थी कि ‘रामायण’ ने री-टेलिकास्ट होने के बाद कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। शो को जबरदस्त टीआरपी मिली। इसके बाद ‘उत्तर रामायण’ शुरू हुई। फैन्स के बीच यह भी काफी मशहूर हुई। यहां तक कि ‘रामायण’ के 16 अप्रैल के एपिसोड को दुनियाभर में 7.7 करोड़ लोगों ने देखा। इस नंबर के साथ यह शो एक दिन में दुनियाभर में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बन गया।

बता दें कि जबसे यह शो शुरू हुआ है तभी से टीआरपी की लिस्ट में नंबर वन है। कुछ दिनों पहले प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने बताया था कि साल 2015 से लेकर अब तक जनरल एंटरटेनमेंट कैटगरी (सीरियल्स) के मामले में यह शो टॉप पर है। साल 2015 से अब तक का सबसे अधिक टीआरपी जनरेट करने वाला हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट शो ‘रामायण’ है।
मालूम हो कि ‘उत्तर रामायण’ के खत्म होने के बाद दूरदर्शन पर ‘श्रीकृष्ण’ (3 मई) शुरू होगा। इस शो में ‘कृष्ण’ का रोल सर्वदमन डी ने निभाया है।

पीडि़त मानवता की सेवा के लिए निरंकारी मिशन किया रक्तदान, शिविर के दौरान 201 यूनिट ब्लड हुआ एकत्रित

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। संत निरंकारी मिशन जबलपुर जोन के द्वारा मानव एकता दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस संबंध में मिशन के पदाधिकारियों ने बताया कि निरंकारी जगत द्वारा विगत दिवस युग प्रवर्तक बाबा गुरूवचन सिंह महाराज, चाचा प्रताप सिंह एवं अन्य बलिदानी संतो के जीवन की शिक्षाओं और बलिदान के प्रति समर्पित होकर उन संतों के तप, त्याग का स्मरण कर मानव एकता दिवस रक्तदान शिविर का आयोजन करके मनाया गया।


निरंकारी मिशन जबलपुर जोन संत निरंकारी चैरिटेबल फाउण्डेशन के सौजन्य से 6 ब्रांचों के 201 सेवदारों के द्वारा 201 यूनिट स्वैच्छा से रक्तदान किया गया, जो इन दिनों अस्पतालों में विभिन्न बीमारियों से ग्रसित होने वाले पीडि़तों के काम आ सकेगा। जबलपुर में 31 यूनिट, मण्डला में 46 यूनिट, सिवनी 84 यूनिट, बालाघाट में 30 यूनिट, नरसिंहपुर में 6 यूनिट, दमोह में 4 यूनिट सेवादारों ने रक्तदान किया। रक्तदान के दौरान सरकारी दिशा निर्देशों का पालन किया गया। जिसमें मॉस्क, ग्लब्स, सेनिटाईजर आदि का उपयोग करते हुए मानव एकता दिवस दिवस मनाया गया। इस दौरान माता सुदीक्षा महाराज की कृपा से ब्रहम वाक्य मानव रक्त नाडिय़ों में बहे न कि नालियों में को चारितार्थ किया। इस संबंध की जानकारी संत निरंकारी जबलपुर मीडिया इंचार्ज के द्वारा दी गई।

JABALPUR :प्रकृति स्वयं बना रही अपना संतुलन, नर्मदा नदी है इसका सबसे बड़ा उदाहरण

इंडिया 2डे न्यूज़ (आपके साथ)

 

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) मध्यप्रदेश/जबलपुर। लॉक डाउन के दौरान प्रकृति अपना संतुलन बनाते हुए दिख रही है। जिसका जीता जागता हुआ उदाहरण तमाम धरोहरें हैं, तो वहीं नर्मदा नदी इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनकर सामने दिख रही हैं, जो बिना स्वच्छता अभियान के ही साफ, स्वच्छ व निर्मल हो गई हैं, जिसका जल एकदम पवित्र दिखाई पड़ रहा है, जिसकी सुंदरता भी देखते बन रही है। आप भी देखिए इस वीडियो में नर्मदा नदी के पवित्र तट व जल को।

अमरनाथ यात्रा को लेकर साईन बोर्ड का निर्णय, अब आया यह नया आदेश

 

इंडिया 2डे न्यूज() देश-दुनिया। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए अमरनाथ साईन बोर्ड की बैठक के दौरान अमरनाथ यात्रा को प्रारंभ करने का संशय के बीच में आखिरकर यह निर्णय ले लिया गया कि अमरनाथ यात्रा तय समय में जून माह में ही प्रारंभ होगी। जबकि बैठक में अमरनाथ यात्रा को लेकर कई बार बारीकी से विचार-विमर्श किया जा रहा था, बैठक में शामिल साईन बोर्ड के सदस्यों के द्वारा पहले यात्रा को निरस्त करने की बात पर जोर दिया जा रहा था, इस तरह से साईन बोर्ड ने पहले अमरनाथ यात्रा इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते न करने का निर्णय लिया था, लेकिन निर्णय के कुछ मिनिटों के बाद ही अमरनाथ यात्रा रद्द करने के फैसले को वापस ले लिया गया। जिसके बाद साईन बोर्ड में जून माह में अमरनाथ यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है।
लेकिन यात्रा के दौरान तमाम भक्तों को कोरोना वायरस के संक्रमण काल को देखते हुए तमाम प्रकार के सुरक्षा मापदण्डों का पालन करना पड़ेगा, तभी वह अमरनाथ यात्रा में शामिल हो सकेंगे। फिलहाल हुए निर्णय के बीच में अमरनाथ यात्रा जून माह में होगी, लेकिन आगामी दिनों में देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भी यात्रा के संबंध में अन्य निर्णय लिए जा सकते हैं। हालाकि साईन बोर्ड के द्वारा आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की जा रही है। लेकिन अब यह आगे देखने का विषय है कि अमरनाथ यात्रा को लेकर अमरनाथ साईन बोर्ड के द्वारा किस तरह का निर्णय लिया जाता है या फिर यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या पुख्ता इंतजाम किया जाते हैं, ताकि अमरनाथ यात्रा के दौरान तमाम बाबा के भक्तों को कोरोना वायरस से बचाया जा सके।

जून में होगी अमरनाथ यात्रा, सोसल डिस्टेंसिंग का करना होगा पालन

इंडिया 2डे न्यूज(आपके-साथ) देश-दुनिया। कोरोना वायरस के संक्रमणकाल के चलते बाबा अमरनाथ की यात्रा को रद्द कर दिया गया है। इस संबंध की जानकारी अमरनाथ साईन बोर्ड की आयोजित हुई बैठक के उपरांत दी गई है। यात्रा को रद्द करने का प्रमुख कारण कोरोना वायरस की बीमारी है, जिसको देखते हुए व नागरिकों की सुरक्षा के मददेनजर यह कदम उठाया गया है।
इस तरह की जानकारी तमाम मीडिया व सोसल मीडिया में प्रसारित हो रही थी, वहीं जानकारी यह भी मिली है कि साईन बोर्ड ने अमरनाथ यात्रा को निरस्त करने का भी निर्णय लेकर मीडिया में भी जानकारी प्रेषित कर दी थी, जिसकी जानकारी मीडिया के माध्यम से तमाम देश के नागरिकों तक पहुंच गई थी, जिससे बाबा बर्फानी के भक्तों में निराशा आ गई थी और सभी इस बार यात्रा में न शामिल हो पाने की चिंता जाहिर करने लगे थे, लेकन समय रहते हुए अमरनाथ यात्रा के निरस्त किए जाने की जानकारी तमाम मीडिया में जैसे ही प्रसारित हुई, ठीक वैसे ही यात्रा को पुन: प्रारंभ करने का अमरनाथ साईन बोर्ड ने निर्णय ले लिया था, जिससे तमाम भक्तों के चेहरे खुशी से झूम उठे। इस संबंध की जानकारी इंडिया 2डे न्यूज में भी प्रसारित हो गई थी कि अमरनाथ यात्रा रदद कर दी गई है, जिसका इंडिया 2डे न्यूज के द्वारा खण्डन किया जाता है। क्योंकि इस संबंध की जानकारी साईन बोर्ड के द्वारा ही प्राप्त की गई थी, जिसका समाचार इंडिया 2डे न्यूज में प्रसारित कर दिया गया था, जिसका खण्डन कर साइन बोर्ड ने यह पुन: जानकारी दी कि अमरनाथ यात्रा जून माह में प्रारंभ होगी, अमरनाथ यात्रा रद्द करने के संबंध में लिए जाने वाले निर्णय को वापस ले लिया गया है और उन्होंने यह भी बताया कि अमरनाथ यात्रा को निरस्त करने के निर्णय की जानकारी कैसे मीडिया तक पहुंच गई इस बात जानकारी उन्हें नहीं है, फिलहाल अमरनाथ यात्रा जून माह में होगी यह साईन बोर्ड ने निर्णय ले लिया है।

संतों की हत्या के आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के ने दी चेतावनी

इंडिया 2डे न्यूज पोर्टल (आपके-साथ) मध्यप्रदेश/ जबलपुर। महाराष्ट्र में कोरोना के नाम पर धर्म विशेष के लोगों द्वारा जूना अखाड़े के दो संतों की हत्या किए जाने की अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कड़े शब्दों में निंदा की है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से दोनों संतों की हत्या की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है लॉक डाउन चल रहा है, ऐसे में अगर कोई संत महात्मा ब्रह्मलीन होते हैं, तो उस इलाके के ग्रामीण और आसपास के साधु संत ही उनकी समाधि में शामिल हों, उन्होंने कहा है कि बाहरी जिले से साधु-संतों को समाधि में जाने की फि लहाल लॉक डाउन तक कोई आवश्यकता नहीं है।
पुराणिक पथ जबलपु के द्वारा विज्ञिप्त जारी करते हुए बताया गया कि महाराष्ट्र के पालघर जिले के दानू तहसील में जूना अखाड़े के दो संत महात्माओं की पुलिस की मौजूदगी में लाठी डंडों से पीट-पीटकर धर्म विशेष के लोगों ने हत्या कर दी। इस घटना के बाद से साधु संतों में काफ ी आक्रोश है। साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने दोषियों के खिलाफ जांच के बाद सख्त कार्रवाई की मांग की है। महंत नरेंद्र गिरी ने आरोप लगाया है कि कोरोना के बहाने धर्म विशेष के लोग साधु-संतों से बदला ले रहे हैं। लॉक डाउन के खत्म होने के बाद बड़ी संख्या में संत महात्मा महाराष्ट्र सरकार का घेराव करेंगे और इस मामले में कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाएंगे।

नहीं तो संत करेंगे उग्र आंदोलन
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महंत नरेंद्र गिरी ने महाराष्ट्र के सीएम उद्घव ठाकरे से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके में महंत सुमेर गिरी के साथ मे Óपौराणिक पथ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कथा वाचक आकर्षण महाराज अपने अनुयायियों सहित अखाड़े के निर्देश पर कूच करेंगे, सभी महाराष्ट्र सरकार एवं प्रशासन की उदासीनता से दु:खी तथा कठोरता से इस मामले को देखने के लिये उम्मीद कर रहे हैं, अगर सरकार की बेरुखी दिखी तो संत अपने अनुयायियों के साथ कूच के लिए तैयार हैं। इस संबंध की चेतावनी दिव्याकर्षण राज, विनय असाटी, शिव यादव, संदीप सोंधिया, अजय पाल सिंह, मुकेश विरहा, सुशांत अग्रवाल, अनिल चातुर्वेदी, जितेंद्र मिश्रा, पप्पू प्यासी, अमित निगम, नागेश कुशवाहा आदि ने दी है।