कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी, सभी को सावधान रहने की नसीहत

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान के 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक होने के बाद, मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में अगले 2 दिनों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2-3 दिनों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। आईएमडी के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने कहा कि आईएमडी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में चलने वाली लू की संभावना को देखते हुए ‘औरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले 2-3 दिनों में कुछ हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी के मौसम में यह पहली बार है जब हीटवेव (लू) के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. शनिवार को राजस्थान के पिलानी में 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दिल्ली एनसीआर समेत मैदानी इलाकों वाले राज्यों में अगले कुछ दिन टेम्परेचर हाई रहने वाला है. पश्चिमोत्तर भारत में लू (Heat Wave) चलने के कारण शहर में अगले तीन और चार दिन में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है. सोमवार यानी आज तापमान 45 डिग्री तक जा सकता है. बता दें कि 23 मई को इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा और तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया. जो सामान्य से करीब 6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि लू के कारण भीषण गर्मी पड़ रही है. यह क्रम आगे भी जारी रहेगा. आईएमडी के मुताबिक ताजा पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर पूर्वी हवाओं के चलने से 28 मई को तेज गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. 28 मई की रात से वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस का असर दिखेगा। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और पारा 38-39 डिग्री तक पहुंच सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में 29-30 मई को 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने का अनुमान है। लू क्या है और कब गर्म हवा को लू कहा जाता है? दरअसल, जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस हो और यह सामान्य तापमान से 4.5 डिग्री से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो तो उस स्थिति को लू या हीट वेब कहा जाता है। मैदानी इलाकों के लिए, लू की घोषणा तब की जाती है जब वास्तविक अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से 47 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे ऊपर होता है।

कारगर साबित हो सकता होम्योपैथी पद्धति से कोरोना का इलाज, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

इंडिया 2डे न्यूज (आपके साथ) देश-दुनिया। कोरोना (corona virus)से लड़ाई में होम्योपैथी कारगर हथियार साबित हो सकती है. होम्योपैथ और नेमीनाथ होम्योपैथी कॉलेज और अस्पताल (Naimi Nath Homeopathic College and Hospital) के प्रिंसिपल डॉ प्रदीप गुप्ता (Pradeep Gupta) ने बताया कि होम्योपैथिक दवाओं से COVID-19 रोगियों के इलाज के जो प्रयोग किये गए हैं, उनके सफल परिणाम मिले हैं. डॉ गुप्ता ने अब सभी संबंधित विभागों को पत्र लिखकर मौजूदा स्वास्थ्य संकट से देश को बचाने के लिए होम्योपैथी द्वारा मरीजों के इलाज की अनुमति देने की मांग की है।

डॉक्टर गुप्ता के मुताबिक, ICMR से अनुमति मिलने के बाद, हमने FH मेडिकल कॉलेज से 44 COVID-19 मरीजों को 5 मई को अपने अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था. हमने 22 मरीजों के दो समूह बनाये. पहले समूह को हमने होम्योपैथिक दवाएं दीं. तीन दिनों में इस समूह के सभी मरीज कोरोना के लक्षण से मुक्त हो गए और सात दिनों के भीतर वह पूरी तरह स्वस्थ बन गए. उनकी दोनों रिपोर्ट्स इसकी पुष्टि करती हैं. जबकि दूसरे समूह के मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है’.

गौरतलब है कि भारत में पांच लाख से अधिक होम्योपैथ हैं. डॉ प्रदीप गुप्ता ने आगे कहा, ‘मैंने सभी से यह कहा है कि मैं देश में कहीं भी अपने खर्चे पर कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार हूं. होम्योपैथी दवाओं के बारे में लोग पहले से ही जानते हैं. कंटेनमेंट जोन में इन दवाओं को मुफ्त में वितरित किया जा सकता है, इससे काफी दबाव कम होगा’. डॉक्टर गुप्ता ने सवाल किया कि जब आपके पास कोई विकल्प नहीं है और कोरोना की वैक्सीन बनने में काफी वक्त लगने वाला है, तो फिर होम्योपैथी को आजमाने में हर्ज क्या है?

वहीं, एक अन्य होम्योपैथ डॉ. सिद्धार्थ मिश्रा प्रिवेंटिव पैकेज की पेशकश कर रहे हैं. जिसके बारे में उनका दावा है कि कई मरीजों को उससे राहत मिली है. विशेषज्ञों का कहना है कि होम्योपैथी सस्ती और प्रभावी दोनों है. वे चाहते हैं कि सरकार होम्योपैथी को COVID-19 रोगियों के इलाज का मौका दे।

कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक है यह बीमारी, रिपोर्ट में हुआ खुलासा, देश मरने वालों की संख्या होगी ज्यादा

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। आपको लग रहा होगा कि देश में सबसे बड़ा खतरा कोरोना वायरस है. लॉकडाउन होने के देश में हजारों लोगों की जान बच जाएगी. लेकिन आपका सोचना गलत भी हो सकता है. दरअसल अब कई वैज्ञानिक दावा करने लगे हैं कि कोरोना वायरस की बजाए टीबी और हैजा से मरने वालों की संख्या देश में कहीं ज्यादा होगी।

देश में टीबी और हैजा के हैं ज्यादा मामले
टीबी (तपेदिक) और हैजा जैसी बीमारियों को नजरअंदाज करने से कोविड-19 के मद्देनजर लागू लॉकडाउन से जिंदगियां बचाने की कोशिशें बेअसर साबित होंगी. जन स्वास्थ्य क्षेत्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि जितनी जिंदगियां इन प्रयासों से बचाई गई, उतनी ही जान टीबी और हैजे की वजह से जा सकती हैं।

हैदराबाद के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर वी रमण धारा ने कहा कि तपेदिक, हैजा और कुपोषण जैसी गरीबी संबंधी बीमारियों से जान जाने की घटनाओं पर विचार करना ही होगा जिनके ‘लॉकडाउन जारी रहने’ के दौरान नजरअंदाज किए जाने की आशंका है. उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से होने वाली मौतें संभवत: लॉकडाउन के चलते बची जिंदगियों की उपलब्धि को बेअसर कर देंगी।

उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि हर किसी को इस महामारी को मानवों द्वारा पर्यवारण को पहुंचाए गए बेहिसाब नुकसान को प्रकृति की ओर से दी गई प्रतिक्रिया के रूप में देखना चाहिए जिसके कारण जानवरों के प्राकृतिक वास छिन गए और परिणामस्वरूप इंसानों तथा जानवरों के बीच के संबंध खराब हो गए.।

भारत में कोविड-19 स्थिति के अपने आकलन में धारा ने पाया कि शनिवार शाम तक आए संक्रमण के 1,25,000 मामले साफ तौर पर मई के अंत तक अनुमानित 1,00,000 मामलों से ज्यादा हो गए हैं और इनका लगातार बढ़ना जारी है. मामलों के हिसाब से मृत्यु दर भले ही धीरे-धीरे कम हो रही हो लेकिन कुल मृत्यु दर अधिक महत्त्वपूर्ण है लेकिन उनका कहना है कि हो सकता है सही आंकड़ें सामने नहीं आ रहे हों क्योंकि मौत के कुछ मामलों में कोविड-19 की जांच न की गई हो इसकी संभावना है।

WhatsApp का यूजर्स को नया तोहफा, अब मिलेगा यह फीचर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। सोशल चैटिंग साइट व्हाट्सऐप (WhatsApp) ने लॉकडाउन के बीच आपको एक और नया तोहफा देने का फैसला किया है. व्हाट्सएप एक नए फीचर पर काम कर रहा है, जिससे यूजर्स के लिए QR Code को स्कैन करके उनकी सूची में संपर्क जोड़ना आसान हो जाएगा. व्हाट्सएप बीटा को ट्रैक करने वाली एक फैन वेबसाइट डब्ल्यूए बेटल इंफो की एक रिपोर्ट के अनुसार, क्यूआर कोड स्कैनिंग को सबसे पहले आईओएस बीटा में पेश किया गया था और अब एप को एंड्रॉएड बीटा के लिए तैयार किया जा रहा है. यह फीचर एप के 2.20.171 वर्जन में उपलब्ध है।

एंड्रॉएड बीटा यूजर्स नेम के सामने ऊपर की तरफ दाईं ओर एप के सेटिंग सेक्शन में अपने खुद का कस्टम क्यूआर कोड पा सकेंगे. जिन यूजर्स ने फीचर को इनेबल किया है, वे अपना स्वयं का क्यूआर कोड दूसरों को दिखा सकेंगे और अन्य व्हाट्सएप अकाउंट के कोड भी स्कैन कर सकेंगे. अगर यूजर्स किसी और के साथ अपना नंबर साझा नहीं करने का निर्णय लेते हैं, तो क्यूआर कोड रद्द किया जा सकता है।
जानकारों का कहना है कि QR Code सिर्फ कॉन्टेक्ट शेयर भर तक सीमित नहीं रहेगा. कंपनी इसी QR Code के जरिए अपने पेमेंट फीचर्स को भी जोड़ सकती है. हालांकि अभी तक कंपनी की ओर से इन बातों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि इस फीचर को सभी यूजर्स के लिए कब तक उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन यह अगले कुछ दिनों में पेश किया जा सकता है।

अब डराने लगा है कोरोना, टॉप पर पहुंचे हम, पढ़िए पूरी खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब डराने लगी है। दुनिया के सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों वाले देशों की सूची में भारत दसवें स्थान पर पहुंच गया है। ईरान को पीछे करते हुए अब भारत में कुल कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 138,536 हो गई है। वहीं, ईरान में 135,701 कोरोना मरीज हैं।

देश में बीते चार दिन से रोजाना 6000 से ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं, शनिवार को इसमें सबसे ज्यादा तेजी देखी गई और रिकॉर्ड 6767 नए मामले दर्ज किए गए। यही तेजी बरकरार रही तो शनिवार को कुल मामले एक लाख 38 हजार को भी पार कर जाएंगे।

ईरान में शनिवार तक 1,35,701 मामले थे। वहां औसतन दो हजार से ज्यादा नए मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं, अगर मामले ऐसे ही बढ़े तो चार से पांच दिन में तुर्की को भी पछाड़कर भारत दुनिया में 11वें से नौवें स्थान पर पहुंच जाएगा। तुर्की में औसतन एक हजार नए केस इन दिनों सामने आ रहे हैं।

जानें भारत में अन्य राज्यों के हाल

हिमाचल : दूसरे राज्यों से पहुंचे छह लोग संक्रमित राज्य में संक्रमण के छह नये मामले सामने आए हैं। इससे राज्य में कोरोना मरीजों की संख्या 192 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि नये मामलों में से तीन ऊना से और एक-एक मामले कांगड़ा, हमीरपुर तथा सोलन जिलों से हैं। ये सभी लोग हाल ही में दूसरे राज्यों से लौटे हैं।

उत्तर प्रदेश : अब तक कुल 6081 लोग प्रभावित प्रदेश में पिछले 24 घंटों में 262 संक्रमित मरीज पाए गए हैं। इस तरह अब तक 6081 मामले कोरोना पॉजिटिव के पाए गए हैं। 3473 डिस्चार्ज होकर घर वापस चले गए हैं।

आंध्र प्रदेश : 66 नए मामले किसी की मौत नहीं आंध्र प्रदेश में 66 नये मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,780 हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वायरस से किसी की मौत नहीं हुई और राज्य में मृतक संख्या अब भी 56 ही है।

मध्य प्रदेश : इंदौर में अब तक 114 मरे देश में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में इंदौर में रविवार को संक्रमण के मामलों की संख्या 3,000 को पार कर गई। जिनमें से 114 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे के दौरान जिले में 75 नए मरीज मिले। जिले में संक्रमण की जद में आए लोगों की तादाद 2,933 से बढ़कर 3,008 पहुंच गई है।

महाराष्ट्र : एक दिन में सर्वाधिक 3041 मामले सामने आए महाराष्ट्र में रविवार को कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या 50,000 का आंकड़ा पार कर गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक दिन में सर्वाधिक 3041 नये मामले सामने आए हैं।

राजस्थान : एक और मौत 152 नये मामले संक्रमण से एक और मौत के साथ राज्य में मरने वालों की संख्या 161 हो गई है। इस बीच, महामारी के 152 नये मामले आने से कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 6,894 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को चित्तौड़गढ़ में एक और संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई

झारखंड : 16 नए संक्रमित राज्य में रविवार को कोरोना के 16 नए मरीज मिले हैं। इनमें जमशेदपुर और गढ़वा के 3-3, हजारीबाग के 4, कोडरमा के दो और रांची का एक मरीज शामिल है। चाईबासा में भी 3 मरीजों की पुष्टि हुई है।

बिहार: संक्रमितों का आंकड़ा 2500 पार, 13वीं मौत बिहार के 20 जिलो में रविवार को 117 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। इसके साथ ही राज्य में कोरोना मरीज की संख्या बढ़कर 2511 हो गयी।

उत्तराखंड : कोरोना के 54 नए मरीज मिले राज्य में कोरोना मरीजों के बढ़ने की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। रविवार को भी राज्य के अलग अलग जिलों में कुल 54 नए मरीज मिले। इनमें से सबसे अधिक 32 मरीज अकेले नैनीताल जिले के हैं। इसके साथ ही राज्य में कोरोना मरीजों का कुल आंकड़ा 298 पहुंच गया है।

इस देश ने इस तरह से जीती कोरोना से जंग, आप भी करेंगे ऐसा तो हार जाएगा कोरोना

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। कोरोना वायरस से जहां पूरी दुनिया कराह रही है वहीं, जापान बड़ी आसानी से यह जंग जीतने की कगार पर है। न लॉकडाउन, न आवाजाही पर खास पाबंदी, यहां तक कि रेस्त्रां और सैलून भी खुले रहे। बड़ी संख्या में टेस्ट भी नहीं किया, फिर भी वह संक्रमण की रफ्तार थामने में कामयाब रहा। जहां विकसित मुल्कों में कोरोना की वजह से हजारों लोगों की मौत हो गई वहीं, जापान में सिर्फ 808 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। जापान बड़े देशों में ऐसा पहला मुल्क होगा जिसके पास इस तरह की बीमारियों से निपटने के लिए सीडीसी जैसा कोई रोग नियंत्रण केंद्र नहीं है। इसके बावजूद वह सफल रहा।

होक्काइडो के स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में संक्रमण नियंत्रण विभाग में प्रोफेसर योको त्सुकामोटो कहते हैं कि हमारी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था इस केंद्र से कमजोर कतई नहीं। प्रोफेसर काजुटो सुजुकी कहते हैं कि यह सिंगापुर की तरह एप-आधारित प्रणाली नहीं है बल्कि लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता का परिणाम है। अमेरिका, यूरोप और अन्य देश अब नर्सों के लिए प्रशिक्षण की शुरुआत कर रहे हैं जबकि हमारे यहां दो साल पहले ही इसकी तैयारी कर ली गई थी।

1. जापान के पास इस तरह की बीमारियों से निपटने के लिए अमेरिका के सीडीसी जैसा कोई रोग नियंत्रण केंद्र नहीं है।
2. अन्य देश मरीजों की तलाश के लिए जहां हाइटेक एप का इस्तेमाल कर रहे हैं वहीं, जापान ने ऐसा कोई एप नहीं बनाया
3. विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग होनी चाहिए पर जापान ने कुल आबादी के सिर्फ 0.2% लोगों का टेस्ट किया
4. दुनिया के सात सबसे विकसित मुल्कों में शामिल जापान में संक्रमण की रफ्तार सबसे नीचे रही और मौतें भी 1000 से भी काफी कम हुईं।

जीवनशैली: मास्क पहनना जापानी लोगों की जीवनशैली का अहम हिस्सा रहा है, यह परंपरा काफी कारगर रही। वहां मोटापे से ग्रस्त लोगों की तादात भी कम है। उनकी बात करने की शैली ऐसी है जिसमें मुंह से बूंदों का फैलना कम हो जाता है। इतना ही नहीं संक्रमण के मामले सामने आते ही सबसे पहले स्कूल बंद कर दिए गए थे।

कांटेक्ट ट्रेसिंग: जापान में 50 हजार से ज्यादा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी हैं, जिन्हें 2018 में इन्फ्लूएंजा और तपेदिक के लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया था। जनवरी में पहला मामला आते ही इन्हें सक्रिय किया गया, इन्होंने कांटेक्ट ट्रेसिंग में अहम भूमिका निभाई। इन्होंने तथाकथित समूहों, क्लबों या अस्पतालों में विशेष नजर रखी।

सख्त फैसले: फरवरी में जब डायमंड क्रूज शिप पर संक्रमण का मामला सामने आया तो जापान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेलनी पड़ी। इसके बाद पूरी व्यवस्था बदल गई। अप्रैल में मामले फिर बढ़े तो आपातकाल लागू कर दिया, अब नए मामले एक दिन में 50 से नीचे आ गए हैं और आपातकाल हटाने की तैयारी है।

सरकार की सक्रियता: क्रूज शिप पर संक्रमण फैलने को जापान ने दरवाजे पर जलती कार की तरह देखा और तुरंत उपाय शुरू कर दिए। शीर्ष वैज्ञानिक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉक्टर लोगों की जांच में जुट गए। आलोचना के बाद भी सरकार अड़ी रही।

जनजागरुकता: सरकार के सलाहकार और महामारी मामलों में विशेषज्ञ शिगू ओमी कहते हैं कि जापानी लोगों की स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता सबसे अहम कड़ी रही।कमजोर स्ट्रेन कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि वायरस का जो स्ट्रेन दुनिया के अन्य मुल्कों में है उससे कमजोर स्ट्रेन जापान में पहुंचे वायरस में देखा गया, यह भी एक बड़ी वजह है।

नई गाइडलाइन:अब सीधे घर जा सकेंगे बाहर से आने वाले, पढ़िए पूरी खबर

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। Domestic Flights quarantine Guidelines: कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन में फंसे लोगों की घर वापसी के लिए कल यानी सोमवार से घरेलू विमानों की सेवा शुरू हो रही है। हवाई यात्रियों को क्वारंटाइन करने को लेकर उहापोह की स्थिति बनी हुई है, जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को एक गाइडलाइन जारी की है। गाइडलाइन के मुताबिक, घरेलू हवाई यात्रियों के लिए राज्य खुद क्वारंटाइन और आइसोलेशन प्रोटोकॉल बनाने के लिए स्वतंत्र है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि अगर किसी हवाई यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे क्वारंटाइन नहीं किया जाएगा, बल्कि उसे सीधे घर भेज दिया जाएगा, जहां उसे खुद को 7 दिनों तक आइसोलेट करके रहना होगा। मगर अंतिम फैसला राज्यों पर छोड़ा गया है ताकि वे अपने आंकलन के आधार पर क्वारंटाइन प्रोटोकॉल बना सकें।

गाइडलाइन

दरअसल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने घरेलू यात्रा को लेकर जो गाइडलाइन जारी की है, उसमें 12 प्वाइंट हैं। 8वें नंबर के प्वांट से ध्यान देने वाली बात है कि जब हवाई यात्री विमान से उतरकर एयरपोर्ट से बाहर जाएगा तो उस राज्य में उसे किन-किन नियमों का पालन करना होगा। एयरपोर्ट से उतरते ही यात्री को एग्जिट प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा।

गाइडलाइन कहता है कि अगर किसी यात्री में कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाते हैं तो उसे घर जाने की इजाजत होगी, मगर उसे 14 दिनों तक सेल्फ आइसोलेट करना होगा। इस दौरान अगर कोई लक्षण सामने आते हैं तो उसे जिला राज्य या केंद्र के सर्विलांस अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी। कोरोना के हल्के लक्षण दिखने की स्थिति में नजदीक के अस्पताल में ले जाया जाएगा। वहीं, किसी यात्री में कोरोना के गंभीर लक्षण दिखते हैं तो उसे समर्पित कोविड हेल्थ फैसिलिटी में एडमिट किया जाएगा।

इस गाइडलाइन के 12वें नंबर प्वाइंट में स्पष्ट किया गया है कि कोरोना को लेकर क्वारंटाइन या आइसोलेशन प्रोटोकॉल बनाने के लिए राज्य सरकारें स्वतंत्र हैं। यानी किसी भी राज्य का हवाई यात्री घर जाएगा या क्वारंटाइन सेंटर यह उस राज्य की सरकार के फैसले के ऊपर निर्भर है।

इसके अलावा, सभी यात्रियों को अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा। इतना ही नहीं, उन्हें हर वक्त मास्क पहनकर रहना होगा और सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करना होगा।

हरदीप पुरी ने क्या कहा था:

इससे एक दिन पहले नागरिक विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा था कि जिन यात्रियों में कोविड-19 के लक्षण नहीं हैं और आरोग्य सेतु ऐप पर ग्रीन स्टेटस है, उन्हें क्वारंटाइन में भेजे जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू उड़ान सेवाओं के 25 मई से शुरू होने और भारत में 31 मई तक लॉकडाउन लागू होने के बीच कोई विरोधाभास नहीं है। हरदीप सिंह पुरी ने फेसबुक पर लाइव सेशन में कहा, ”हम साफ कर चुके हैं कि यदि किसी के पास आरोग्य सेतु ऐप है और इसका स्टेटस ग्रीन है तो यह पासपोर्ट की तरह है। कोई व्यक्ति क्यों क्वारंटाइन चाहेगा।” पुरी ने कहा कि मंत्रालय की ओर से जारी विस्तृत गाइडलाइंस जारी की गई है।

25 मई से घरेलू उड़ानें शुरू

बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन की वजह से दो महीने से अधिक समय से देश में विमान सेवाओं पर रोक है। अब सरकार ने 25 मई के कुछ रूटों पर घरेलू विमान सेवा शुरू करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार ने घरेलू हवाई यात्रा के दौरान सभी यात्रियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य किया है। हालांकि, 14 साल से कम आयु के बच्चों को इससे छूट दी गई है।

जानें किन राज्यों में क्या हैं क्वारंटाइन के नियम:

महाराष्ट्र में सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, महाराष्ट्र पहुंचे प्रत्येक यात्री के उतरने पर स्क्रीनिंग के बाद, उन्हें बड़े होटलों में 14 दिनों के अनिवार्य क्वारंटाइन में भेजा जाएगा।

दिल्ली

दिल्ली हवाईअड्डे पर पहुंचने वाले प्रत्येक भारतीय को 14-दिन के क्वारंटाइन से गुजरना होगा। भले ही कोई उनमें कोरोना वायरस के लक्षण न हों, लेकिन ये जरूरी होगा। हालांकि इससे पहले सरकार ने लक्षण नहीं दिखा रहे यात्रियों के लिए होम क्वारंटाइन की अनुमति दी थी।

पंजाब और राजस्थान

पंजाब सरकार की सलाह के अनुसार, पंजाब लौटने वाले लोगों को 14 दिनों के लिए खुद को होम क्वारंटाइन करना होगा। उनमें कोरोना के लक्षण न होने पर भी ये जरूरी होगा। राजस्थान सरकार ने राज्य में आने वाले सभी के लिए सरकारी संस्थान में 14-दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य किया है।

बिहार और झारखंड

बिहार और झारखंड आने वालों को पैसे देकर 14 दिनों की क्वारंटाइन सुविधा में रहना होगा। हालांकि,  झारखंड में, सरकार 500,000 लोगों के लिए क्वारंटाइन की व्यवस्था कर रही है।

अब बिना लक्षण वाला कोरोना आया सामने, यह अभिनेता की आई रिपोर्ट पॉजिटिव

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) महामरी से संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 25 हजार से अधिक हो गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक 1 लाख 25 हजार 101 लोग कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए हैं, जिनमें से 3 हजार 720 लोगों की मौत हो गई है. वर्तमान में 69 हजार 597 लोग कोरोना महामारी से ग्रस्त हैं, जबकि उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ हुए कुल 51 हजार 783 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

इस बीमारी से मनोरंजन जगत भी अछूता नहीं रहा है. बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के बाद अब बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता किरण कुमार भी इस बीमारी के चपेट में आ चुके हैं. बता दें, खबरों की मानें तो किरण में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे. वह बिल्कुल ठीक थे. उन्हें न बुखार थी और न ही खांसी. यहां तक की उन्हें सांस लेने में कोई परेशानी नहीं हो रही थी. इसके बावजूद उनका कोराना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है। वहीं, किरण अपने घर में ही आइसोलेशन में हैंं और जल्द ही वह अपना दोबारा टेस्ट करवाने वाले हैं. बता दें, इससे पहले कनिका कपूर को कोरोना वायरस हुआ था, लेकिन अब वह पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं. कनिका कई हफ्तों तक लखनऊ के एक हॉस्पिटल में एडमिट थी।

देश में गर्मी का सितम, चल रही है लू और आग की तरह हवा

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर समेत देश के ज्यादातर हिस्सों में मई के अंत में गर्मी ने सितम ढहाना शुरू कर दिया है. दिनभर झुलसाने वाली तेज धूप के साथ दोपहर में गर्म हवा यानी लू चल रही है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले 4-5 दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा और फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। देश की राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी रविवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शनिवार को येलो अलर्ट था. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों में और ज्यादा गर्म हवाएं चलने का अनुमान है. बता दें कि राजधानी दिल्ली में शनिवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा. दिल्ली में पारा 46 डिग्री पहुंचने के साथ रिकॉर्ड टूट गया. मौसम विभाग की ओर से कहा गया कि पश्चिमोत्तर भारत में लू चलने के कारण शहर में अगले 3-4 दिन में भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान है। दिल्ली के अलावा राजस्थान और यूपी के भी कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच गया है. वहीं, हरियाणा, मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और गुजरात में भी कई शहरों पर लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु के भी कुछ हिस्सों में प्रचंड गर्मी की आशंका है. जबकि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा उत्तरी मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लू जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 और 46 डिग्री के बीच ही रहा. सफदरजंग वेधशाला ने अधिकतम तापमान 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है. पालम, लोधी रोड और आयानगर में मौसम केंद्रों ने अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस, 44.4 डिग्री सेल्सियस और 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। दिल्ली-एनसीआर में 24 से 27 मई के बीच भी तपती गर्मी जारी रहेगी. आईएमडी के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केंद्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि ताजा पश्चिमी विक्षोभ और निचले स्तर पर पूर्वी हवाओं के चलने से 28 मई को तेज गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि 29 और 30 मई को दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं, राजस्थान में भी मौसम विभाग का कहना है कि अगले 8 दिनों में गर्मी का प्रकोप तेज होगा. यूं तो राजस्थान में अप्रैल में ही भीषण गर्मी पड़ने लगती है, मगर इस बार मई में भी गर्मी देरी से शुरू हुई है. राजस्थान के ज्यादातर शहरों में तापमान 40 डिग्री या उसके ऊपर बना हुआ है. पश्चिमी राजस्थान में 44 डिग्री के ऊपर तापमान चल रहा है

बीमार थे पिता, देश में है लॉक डाउन, तो बेटी ने 1200 से भी अधिक किलोमीटर का सफर पिता के साथ सायकिल से किया तय, पढ़िए युवती की कहानी

इंडिया 2डे न्यूज (आपके-साथ) देश-दुनिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने जब बिहार के दरभंगा की रहने वाली ज्योति की कहानी को ट्वीट किया तो वह सोशल मीडिया पर छा गई। हर ओर ज्योति हौसले और हिम्मत की चर्चा होने लगी। बता दें कि ज्योति ने अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर गुरुग्राम से दरभंगा तक का लगभग 1200 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया।
एक न्यूज चैनल से बात करते हुए ज्योति कहती हैं कि वह इवांका दीदी को थैक्स कहना चाहती हैं। ज्याेति एक बार इवांका से मिलना भी चाहती है। वह कहती है कि जब वह साइकिलिंग रेस जीतेगी उसके बाद इवांका दीदी से मिलने अमेरिका जाएगी। ज्योति जानती है इवांका से मिलना आसान नहीं है बावजूद उनका हौसला कम नहीं है, ज्योति का मानना है जब वे रेस जीतेंगी तो इवांका जरूर उनसे मिलेंगी।
ज्योति बताती है जब लॉकडाउन हुआ तो  हम सब बहुत परेशान हाे गए। बीमार पिता से बात की लेकिन वह साइकिल पर बैठकर घर चलने को तैयार नहीं हुए। पिता ने ज्योति से कहा कि साइकिल से घर जाने में दिक्कत बहुत हाेगी।  लेकिन ज्याेति ने हिम्मत नहीं हारी और पिता को साइकिल से ही चलने के लिए मना लिया।  ज्याेति के मुताबिक मोदी सरकार की तरफ से उनके खाते में एक हजार रुपया आया। इसमें से 500 रुपये की साइकिल खरीदी और बचे पैसे को कैश रख लिया। रास्ते में लोग खाना खिला रहे थे, इसलिए वो पैसा भी खर्च नहीं हुआ।

अपने हौसले और हिम्मत से चर्चा में आयी दरभंगा की बेटी ज्योति अब शिक्षा और साइकिलिंग के क्षेत्र में नाम कमाना चाहती है। फिलहाल उसकी इच्छा दरभंगा में ही पढ़ाई करने की है। साथ ही प्रैक्टिस करने के लिए एक अच्छी साइकिल चाहती है। इवांका ट्रंप की ओर से तारीफ किये जाने से उत्साहित ज्योति ने शनिवार को ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा कि अभी हमें सबसे अधिक आर्थिक मदद की जरूरत है। उसने कहा कि मीडिया में मेरा नाम आने के बाद रोज घर पर कई लोग मिलने आते हैं। कुछ लोगों ने आर्थिक मदद की भी है। कुछ ने मदद का आश्वासन दिया है। लेकिन हमें अभी तक उस प्रकार की मदद नहीं मिली है जिससे हम खेल या पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

जिला मुख्यालय दरभंगा से 30 किलोमीटर दूर है सिरहुल्ली गांव। सिंहवाड़ा प्रखंड की टेकटार पंचायत के इस गांव की आबादी करीब चार हजार है। इसी गांव में अपने बीमार पिता को गुरुग्राम से साइकिल पर बिठाकर घर पहुंचाने वाली ज्योति कुमारी का घर है। पिता को साइकिल पर बिठाकर करीब 1200 किलोमीटर की यात्रा करने वाली ज्योति 10 बाई 12 के एक कमरे में अपने पूरे परिवार के साथ रहती है। उसके परिवार में कुल सात लोग हैं।  ज्योति पांच भाई-बहन है। बहनों में ज्योति दूसरे नंबर पर है। उससे छोटे दो भाई हैं। घर इंदिरा आवास का है। पिता हरियाणा के गुरुग्राम में ई रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वहां दुर्घटना के शिकार होने के बाद वे भी फिलहाल काम करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उन्हें घर चलाने की चिंता भी सता रही है।  मालूम हो कि ज्योति को साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से दिल्ली आने का न्योता मिला है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुत्री व उनकी सलाहकार इवांका ट्रंप की ओर से ट्विटर पर ज्योति की तारीफ किये जाने से वह काफी खुश है। उसने कहा कि इससे मेरा हौसला और बढ़ा है। मैं आगे भी कुछ ऐसा करना चाहती हूं जिससे मेरे परिवार और गांव का नाम रोशन हो।